मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नैनीताल, जेएनएन : सरोवर नगरी में आम चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आया। विशिष्टजनों ने भी आम मतदाताओं के साथ खड़े होकर संदेश दिया कि लोकतंत्र में सबका महत्व बराबर है। हर किसी ने देश की बेहतरी के लिए मताधिकार का प्रयोग किया।

बुधवार को शहर के सूखाताल बूथ पर हाई कोर्ट के जस्टिस सुधांशु धूलिया ने करीब एक घंटा लाइन में लगने के बाद मताधिकार का प्रयोग किया। जस्टिस मनोज तिवारी ने भी सूखाताल में मताधिकार का प्रयोग किया। वह दोपहर बाद धर्मपत्नी के साथ बूथ पर पहुंचे। बीएलओ पर्ची न होने की वजह से पीठासीन अधिकारी ने उन्हें बिना पहचान पत्र के वोट से मना कर दिया, इसके बाद जस्टिस तिवारी पहचान पत्र लाए और मतदान किया। उन्होंने ड्यूटी के प्रति कर्तव्यनिष्ठा के लिए पीठासीन अधिकारी की सराहना भी की। मालरोड नर्सरी स्कूल बूथ पर हाई कोर्ट के मुख्य स्थाई अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने वोट डाला। पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल ने मालरोड नर्सरी स्कूल पर बने बूथ पर मताधिकार का प्रयोग किया।वोट देने चीन से आई गायत्री

चीन से आकर किया मतदान

चीन के विवि में प्रोफेसर गायत्री कठायत ने सीआरएसटी कॉलेज में बने बूथ पर मताधिकार का प्रयोग किया। मां तुलसी कठायत व भाई के साथ पहुंची गायत्री ने कहा कि नेशन फस्र्ट की भावना के साथ उन्होंने देश की तरक्की के लिए वोट किया।

सात साल से ऑक्सीजन के सहारे जी रही महिला ने दिया वोट

बिंदुखत्ता के राजकीय प्राथमिक विद्यालय संजयनगर स्थित मतदान केंद्र पिछले सात साल से लगातार ऑक्सीजन प्रणाली तथा दवाइयों के बल पर जी रही 69 वर्षीय महिला हंसी देवी पत्नी श्याम सिंह रावत निवासी हनुमान मंदिर ने भी मतदान किया। मतदान के बाद हंसी देवी ने बताया कि वह देश में जन सरोकारों, सभी वर्गों  की भलाई तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित व सक्षम सरकार चाहते हैं। हंसी पिछले सात वर्षों से वात स्फीति रोग से पीडि़त है। उनका उपचार मेदांता अस्पताल दिल्ली से चल रहा है।

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Posted By: Skand Shukla

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