हल्द्वानी, जेएनएन : लोन लेने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। होम लोन, एजुकेशन लोन श या फिर व्‍यापार शुरू करने के लिए लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए क्‍या क्‍या नार्म हैं यह जानना बेहद जरूरी है। बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय ऑफिस हल्द्वानी के सीनियर प्रबंधक घनश्याम कालरा ने बैंक की नई योजनाओं और नीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

हाउस लोन लेने का ये है तरीका

  • किसी मकान या फ्लैट की कीमत का 10-20 फीसद तक डाउन पेमेंट करना पड़ता है। इसके बाद प्रॉपर्टी की वैल्यू का 80-90 फीसद तक लोन मिल जाता है।
  • इसमें रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर और स्टांप ड्यूटी जैसे चार्ज भी शामिल होते हैं। प्रॉपर्टी खरीदते समय अधिक से अधिक डाउन पेमेंट करना चाहिए। इससे लोन का बोझ कम होता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

होम लोन के एप्लीकेशन फॉर्म के साथ ही डॉक्यूमेंट की चेक लिस्ट लगी रहती है। आपको फोटो के अलावा कानूनी कागजात से लेकर, पहचान व आवासीय प्रमाण, सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 या आयकर रिटर्न के साथ बैंक की पिछले छह महीने की स्टेटमेंट की जरूरत होती है।

एजुकेशन लोन के लिए मानक व नियम

इसके लिए सबसे पहले जिस बैंक से लोन लेना है, वहां का निर्धारित फॉर्म भरना जरूरी है। इसके अलावा एडमिशन लेटर और कोर्स ड्यूरेशन आदि से संबंधित प्रूफ की भी जरूरत होती है। बैंक, ग्राहकों को लोन लेने में अलग-अलग सुविधाएं भी प्रदान करता है।

लड़कियों को एजुकेशन लोन में मिलती है छूट

कई बैंक लड़कियों को ब्याज दर में छूट देते है तो कोई बैंक लोन देने में प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लेता है। प्रत्येक बैंकों की प्रोसेसिंग फीस भी अलग-अलग होती है।

लोन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • फॉर्म के अलावा, फोटोग्राफ, आइडेंटिटी प्रूफ, रेजीडेंस प्रूफ, इनकम प्रूफ, एजुकेशनल क्वालीफिकेशन से संबंधित प्रमाण पत्र, सीनियर सेकेंड्री स्कूल की अंकतालिका, एमबीए के लिए पोस्ट ग्रेजुएट या गे्रजुएशन की अंकतालिका, स्कॉलरशिप से संबंधित डॉक्यूमेंट्स, गारंटर की इनकम प्रूफ, फोटोग्राफ आदि।
  • बैंक अन्य लोन की तरह ही एजुकेशन लोन पर भी ब्याज वसूलता है, लेकिन यह वसूली करने के लिए उसके पास मुख्य रूप से तीन विकल्प हैं।
  • इनमें एक बेहतर जरिया है मोरेटोरियम पीरियड, जिसे रिपेमेंट हॉली-डे भी कहा जाता है। इसमें विकल्प होता है कि लोन लेने वाला इसकी रिपेमेंट जिस कोर्स में एडमिशन लिया गया है, उसकी समाप्ति के बाद कर सकता है।

क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए क्या करें

  • क्रेडिट कार्ड के लिए आप दो तरह से अप्लाई कर सकते हैं। पहला ऑफलाइन बैंक की ब्रांच में जाकर और दूसरा ऑनलाइन बैंक की वेबसाइट या क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट पर जाकर।
  • इन दस्तावेजों की होती है जरुरत -
  •  क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आपको पैन कार्ड, आइडेंटी प्रूफ, फोटोग्राफ, इनकम टैक्स रिटर्न रिसिप्ट, तीन महीने का बैंक स्टेटमेंट और फिक्स डिपॉजिट की जरूरत पड़ती है।

सरकारी कर्मचारी ऐसे बनवाएं कार्ड

  • अगर आप किसी सरकारी पद पर या किसी अच्छी कंपनी में अच्छे पद पर हैं तो आप अपनी आय की रसीद को लेकर बैंक जाकर या फिर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • आपकी मासिक आय की सीमा ही आपके क्रेडिट कार्ड की धनराशि की सीमा को निर्धारित करता है। क्रेडिट कार्ड बनवाने का यह तरीका सबसे सरल और सहज है।

व्यापारी ऐसे बनवाए कार्ड

  • जो व्यक्ति अपना खुद का कोई व्यापार करते हैं तो वे बैंक जाकर अपने व्यापार केबारे में सारी जानकारी दें और अपनी प्रतिमाह की आय के बारे में बताएं।
  • इसके लिए आपको इनकम टैक्स रिटर्न की रसीद भी दिखानी पड सकती है। इन्हीं दो चीजों को आधार मानकर बैंक आपके क्रेडिट कार्ड के आवेदन को स्वीकार करता है और कार्ड की धनराशि की अधिकतम सीमा को निर्धारित करता है।

नौकरी व व्यापार दोनों नहीं करने वाले लोग ऐसे बनवाएं कार्ड

  • नौकरी व व्यापार दोनों नहीं करने वाले लोग भी क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए किसी बैंक में खाता खुलवाना होता है। खाता खुलवाने के बाद अपने एकाउंट में एक निर्धारित राशि की एफडी (फिक्स डिपाजिट) करा दें।
  • आपका ये फिक्स डिपोजिट आपकी जमा राशि और गारंटी में रूप में बैंक के पास रहेगा और इसी के आधार पर आपको क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जाएगी। साथ ही एफडी की राशि के आधार पर ही क्रेडिट कार्ड की सीमा का निर्धारण किया जाता है।

इन लोगों ने ली जानकारी

हल्द्वानी से केएस बिष्ट, देवेंद्र व दिनेश चंद्र भट्ट, गरमपानी से भुवन बिष्ट, गौलापार से आर्यन सिंह, रामपुर रोड़ से प्रेमा जोशी, नैनीताल से चंचल रावत, विकास, डीएल टम्टा, लालकुआं से राजीव, रोहित श्रीवास्तव, भीमताल से गगन सिंह, ओखलकांडा से ज्योति, बैलपड़ाव से ललित जोशी आदि ने फोन किय।

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Posted By: Skand Shukla

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