नैनीताल, जेएनएन : हेडिंग पढ़कर जो बातें आपको समझ आ रही हैं, वो दरअसल काफी हद तक सच हैं। एक पति ने अपनी पत्‍नी की हत्‍या यह बताकर कर दी की दाेनों ही एचआइवी पॉजिटिव हैं। ऐसे में मौत पक्‍की है। तो क्‍यों दुनिया के लोग हमारी कमजोरी जानकर हम पर हंसे, उससे पहले ही हम खुदकुशी कर लें। लेकिन मौत होती है सिर्फ पत्‍नी की और पति के खिलाफ दर्ज होता है दहेज के लिए हत्‍या का मामला। बागेश्‍वर जिले के इस चर्चित हत्‍याकांड में अब नया मोड़ आया है। दरअसर कुछ आपराधिक घटनाएं ऐसी होती हैं, जो परत दर परत खुलने के साथ हर बार चौंकाती हैं। यह घटना भी कुछ ऐसी ही है। तो चलिए पहले आपको घटना के बारे में बता देते हैं और फिर पति के खतरनाक मंसूबों को जाहिर करने की कोशिश करते हैं।

इसी साल दो मई को बरामद हुआ था महिला शव

दरअसल इसी साल दो मई को बागेश्वर के रीमा क्षेत्र में तनुजा पत्‍नी प्रदीप का शव एक तालाब से बरामद हुआ था। पुलिस ने पति काे हिरासत में लेकर पत्‍नी के शव काे पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मायके वालों ने दामाद पर दहेज के लिए हत्‍या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने भी इसी लाइन पर हत्‍या की तफ्तीश शुरू की और आरोपित पति के खिलाफ दहेज हत्‍या का मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।

हत्‍यारोपित पति ने पहले ये कहानी सुनाई

हत्‍यारोपित पति प्रदीप महोबा, उत्‍तर प्रदेश में एक स्‍टोन क्रशर पर काम करता है। पहले उसने पूछताछ में बताया कि दोनों एचआइवी संक्रमित हैं और वो इस शर्मनाक बीमारी से मुक्ति चाहता था। इसके लिए दोनों ने मिलकर एक साथ खुदकुशी करने का फैसला किया। जब वे आत्‍महत्‍या करने के पहुंचे तो एक साथ तालाब में छलांग लगाई। जहां पत्‍नी तनुजा की मौत हो गई और प्रदीप बच गया। लेकिन मायके वालों ने पति के खिलाफ दहेज हत्‍या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने शुरुआती जांच पड़ताल इसी लाइन पर की।

अब सामने आई हत्‍या करने की ये वहज

सोमवार को पुलिस की सख्‍ती से हुई पूछताछ में प्रदीप ने हत्‍या की जाे कहानी बताई वो चौंकाने वाली थी। उसने बताया कि वो एचआइवी के नाम पर पत्‍नी को डराना चाहता था। उसने पहले उसके दिमाग में भरा कि उन्‍हें एचआइवी हो गया है। इसकी जांच करानी पड़ेगी। यही डर दिखाकर वह 18 जनवरी को पत्नी और तीन साल की बच्ची को लेकर नैनीताल आया था। जहां उसने एचआइवी जांच की जांच कराई। यहां एचआइ रिपोर्ट तो निगेटिव आई मगर उसने पत्नी को रिपोर्ट के पॉजीटिव आने की बात बताई। कहा कि अब मौत तो निश्‍चि‍त है। तो क्‍यों न लोकलाज और सामाजिक परिहास से बचने के लिए खुदकुशी कर लिया जाए। उसकी बातों को सुनकर पत्‍नी भी सहम गई और दोनों आत्‍महत्‍या के लिए निकल पड़े। लेकिन बाद में तालाब से शव सिर्फ पत्‍नी तनुजा का बरामद हुआ।

इसलिए पत्‍नी से छुटकारा चा‍हता था प्रदीप

पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि वह महोबा, उत्तर प्रदेश में एक स्टोन क्रशर पर काम करता था। नौ हजार उसे मासिक पगार मिलती थी, मगर पत्नी साथ मेें रहने की जिद करती थी। लेकिन इस पगार से गुजारा मुश्किल था, इसलिए पत्नी को साथ रखने के लिए मना कर रहा था, पत्नी फिर भी लगातार साथ रहने के लिए दबाव डाल रही थी। सोमवार को इस मामले में चिकित्सकों के बयान दर्ज करने के लिए सीओ बागेश्वर नैनीताल पहुंचे और बीडी पांडे अस्पताल में दस्तावेजों की पड़ताल की।

अब भी इन सवालों के जवाब अनसुझे

सिर्फ साथ रहने के लिए पत्‍नी की हत्‍या की करने की बात गले उतरने वाली नहीं है। उस पर भी एक श्रमिक के दिमाग में आखिरकार ये बात कहां से आई होगी कि एचआइवी पाजिटिव होने की बात कहकर उसे आसानी से खुदकुशी करने के लिए उकसाया जा सकता है। क्‍या वो बच्‍ची की भी हत्‍या करना चाहता ? कहीं उसका कोई और अफेयर तो नहीं ? जैसे तमाम सवाल अब भी जवाब ढूंढ रहे हैं।

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