हल्द्वानी, गणेश पांडे : टैटू बनवाना अब केवल शौक ही नहीं रहा, जन्म से मिले दाग, सर्जरी व चोट के निशान को मिटाने के लिए भी इसका सहारा लिया जा रहा है। शहर के टैटू आर्टिस्ट के पास हर माह इस तरह के सैकड़ों मामले पहुंच रहे हैं। 
शरीर पर टैटू बनवाने का चलन काफी पुराना है। हाल के वर्षों में टैटू बनवाने के ट्रेंड में बदलाव आया है। कुछ लोग सिर्फ दाग-धब्बों को छिपाने के लिए स्किन कलर के साथ मैच कराकर इन दागों को छिपा लेते हैं। सबसे ज्यादा वे लोग आते हैं, जिन्होंने अपने शरीर को खुद नुकसान पहुंचाया है या फिर अपना अतीत मिटाना चाहते हैं। टैटू आर्टिस्ट कुमुद पांडे बताते हैं कि दाग छिपाने के लिए टैटू बनवाने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कई युवा एक्स गर्लफ्रेंड-बायफ्रेंड के नाम का टैटू हटवाने के लिए नया टैटू बनवा रहे हैं।

टैटू बनवाकर हटाया जले का निशान
कवींद्र (परिवर्तित नाम) ने बताया कि उसने बाएं हाथ पर धार्मिक चिह्न बनवाया था। दोस्त मजाक उड़ाते थे। एक दिन तंग आकर टैटू को सिगरेट से जला दिया। इससे वह भद्दा दिखने लगा। बाद में दाग छिपाने के लिए नया टैटू बनवाया। 

कटे का निशान छिपाया 
सतीश (परिवर्तित नाम) ने बताया कि उसके हाथ पर कटे का निशान बहुत खराब दिखाई देता था। लोग सवाल पूछते थे, कैसे चोट लगी, जल गया था क्या। मेरे लिए टी-शर्ट पहनना भी मुश्किल हो गया था। दोस्त की सलाह पर मैंने इसे छिपाने के लिए टैटू बनवा लिया।

होंठों को दिया प्राकृतिक कलर
नंदिनी (परिवर्तित नाम) के होंठ पर सफेद निशान था, जो काफी भद्दे दिखते थे। लोगों के बीच जाने में काफी शर्मिंदगी महसूस होती थी। दोस्तों की सलाह पर मैंने होंठों को लिप्स कलर से मैच करा लिया। इससे होंठों को प्राकृतिक कलर मिल गया है।

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Posted By: Skand Shukla

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