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    Reverse Migration : उत्तराखंड लौटने वालों से पिछली आय और भावी योजना के बारे में पूछेगी सरकार

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Tue, 05 May 2020 08:31 AM (IST)

    कोरोना महामारी के कारण उत्तराखंड वापस लौटे लोगों का प्रदेश सरकार सामाजिक व आर्थिक सर्वेक्षण कराएगी।

    Reverse Migration : उत्तराखंड लौटने वालों से पिछली आय और भावी योजना के बारे में पूछेगी सरकार

    हल्द्वानी, गणेश पांडे : कोरोना महामारी के कारण उत्तराखंड वापस लौटे लोगों का प्रदेश सरकार सामाजिक व आर्थिक सर्वेक्षण कराएगी। सबसे बड़ा सवाल होगा कि लॉकडाउन के बाद वह उत्तराखंड रहना चाहते हैं कि नहीं। सरकार से क्या अपेक्षा है? गांव में पर्यटन, कृषि-बागवानी और लघु उद्योग के क्षेत्र में रोजगार करना चाहते हैं तो इसमें सरकार किस तरह मदद कर सकती है? कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब घर लौटे प्रवासियों से किए जाएंगे। नियोजन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सर्वे के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। इसमें 28 सवाल हैं। सभी सवालों के लिए विकल्प दिए गए हैं। विभागीय स्तर से ग्राम प्रधानों और पार्षदों को निर्देश जारी में उत्तराखंड लौटे प्रत्येक प्रवासी का सर्वेक्षण करना होगा।

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    विभिन्न क्षेत्रों में सरकार से अपेक्षा

    • कृषि, बागवानी : जंगली जानवरों से सुरक्षा, चकबंदी, सिंचाई की सुविधा, लोन, प्रशिक्षण, विपणन, बंजर व खाली भूमि उपलब्ध कराने की सुविधा।
    • पर्यटन : वाहन खरीद के लिए लोन, पर्यटन गाइड प्रशिक्षण, साहसिक पर्यटन प्रशिक्षण, होम स्टे स्थापना में मदद, अन्य।
    • मध्यम व लघु उद्यम : लोन, प्रशिक्षण, उत्पाद का विपणन, लाइसेंस प्रक्रिया का सरलीकरण, अन्य।

    गांव कब और किस कारण छोड़ा?

    सर्वे में गांव छोडऩे का साल बताना होगा। साथ में बताया होगा कि बुनियादी सुविधा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बेहतर जीवनयापन जैसी किस सुविधा के लिए बाहर जाना पड़ा। गांव लौटने से पहले किस राज्य में क्या काम कर रहे थे? मासिक आय कितनी थी? माह में कितनी राशि घर भेजते थे? कोरोना से आय कितनी प्रभावित हुई? वर्तमान में आजीविका का सराहा क्या है यह भी पूछा जाएगा।

     

    घर वापसी पर कितना बदला गांव?

    उत्तराखंड कब लौटे? वापस आने के बाद अपने क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल सुविधा, बेहतर रोजगार विकल्प, कृषि-उद्यान के क्षेत्र में कितना सुविधा हुआ? कुछ नहीं बदला तो वह भी विकल्प मिलेगा। सीएस मर्तोलिया, नगर आयुक्त हल्द्वानी ने बताया कि सर्वेक्षण से बुनियादी सुविधाओं के मूल्यांकन और लोगों की प्राथमिकता समझने में मदद मिलेगी। लोगों को बिना किसी दबाव के ईमानदारी से सभी सवालों का जवाब देना चाहि।

    इस लिंक पर दें अपनी फीडबैक https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSd_MWoiC5u8ngjEUkC3DXBLCAFFjofx6pIJULFF-DBHdI17Zg/viewform

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