रुद्रपुर, जेएनएन : अमेरिका के जिस विवि ने 59 साल पहले देश का पहला पंत कृषि विवि की स्थापना में सहयोग किया था और देश में हरित क्रांति आई। वही विवि 50 साल बाद एक बार फिर कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को दूर करने में पंत विवि के साथ अपने रिश्ते पुनर्जीवित करेगा। इससे शोध व शैक्षिक स्तर को सुधारा जा सकेगा। इसके लिए दोनों विवि के बीच एमओयू हुआ है। इसे लेकर विवि के वैज्ञानिक व अफसर काफी उत्साहित हैं। कृषि शोध व उत्पादन में काफी प्रगति की उम्मीद जगी है।

इलिनॉएस विवि के सहयोग से पंत विवि की हुई थी स्‍थापना

60 के दशक में अमेरिका के राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन व भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के बीच हुए समझौते के तहत लैंड ग्रांट पैटर्न पर कृषि में शोध व प्रसार के लिए अमेरिका के इलिनॉएस विवि के सहयोग से पंत विवि की 17 नवंबर 1960 में स्थापना की गई। इलिनॉएस विवि के प्रोफेसर डब्ल्यूवी लैम्बडर्स की अगुवाई में 30 प्रोफेसरों की टीम को जिम्मा सौंपा गया था। टीम ने वर्ष 1970-71 तक सहयोग किया। इस बीच वर्ष 167-68 में हरित क्रांति भी हुई, जिससे देश खाद्यान्न में आत्मनिर्भर हुआ। इसी तर्ज पर बाद में देश के अन्य राज्यों में कई कृषि विवि की स्थापना की गई। हालांकि, पंत विवि ने दुनिया के कई विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू कर चुका है। साल की शुरुआत में पंत विवि ने इलिनॉएस विवि के साथ पुराने रिश्ते को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई।

पंत विवि के वीसी के नेतृत्‍व में अमेरिका गई थी टीम

दुनिया के कृषि विश्वविद्यालयों की सौ की सूची में इलिनॉएस विवि का नाम है। इसे धरातल पर लाने के लिए पंत विवि के वाइस चांसलर डॉक्टर तेज प्रताप के साथ राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के परियोजना अधिकारी डॉक्टर शिवेंद्र कुमार कश्यप, सह परियोजना अधिकारी डॉक्टर अजीत नयन व परियोजना के नोडल अधिकारी शिक्षा डॉक्टर एसके गुरु इलिनॉएस विवि के लिए 26 जनवरी को रवाना हुए थे। चार सदस्यीय टीम छह फरवरी को वापस आई। इलिनॉएस विवि के चांसलर अर्बाना सैम्पैन के साथ पंत विवि की टीम ने एमओयू साइन किया। दोनों विवि के बीच हुए समझौते के तहत यहां के शिक्षक व छात्र वहां पर जाकर कृषि शिक्षा, शोध व प्रसार के बारे में ट्रे‍निंग लेंगे। वहां के कृषि वैज्ञानिक यहां भी आकर कृषि शोध, शिक्षा व प्रसार का प्रशिक्षण देेंगे, जिससे वर्तमान व भविष्य में कृषि शोध, शिक्षा व प्रसार में आने वाली चुनौतियां दूर होंगी।

कृषि के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी

पंत विवि के वाइस चांसलर ने वहां के वैज्ञानिकों व छात्रों को व्याख्यान के जरिए हिमाचल व पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली फसलों व जलवायु के बारे में बताया। डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप व डॉ. एसके गुरु ने भी छात्रों को संबोधित किया। इलिनॉएस विवि के साथ एमओयू होने से पंत विवि के वैज्ञानिक व अफसर इसलिए उत्साहित हैं कि शोध व शिक्षा में नई क्रांति आएगी। साथ ही पुराना रिश्ता भी पुनर्जीवित होगा। डॉक्टर शिवेंद्र कुमार कश्यप, परियोजना अधिकारी, एनएएचईपी पंत विवि ने बताया कि इलिनॉएस विवि से एमओयू होने से कृषि शिक्षा, शोध व प्रसार में तेजी आएगा। साथ ही दोनों विश्वविद्यालयों के बीच पुराना रिश्ता पुनर्जीवित होगा।

हर तरह करेगा सहयोग

1- पंत विवि के प्रमुख शोध वैज्ञानिकों प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

2-प्रमुख अफसरों को एक्जीक्यूटिव प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

3-दोनों विवि के वैज्ञानिक संयुक्त रूप से प्रोजेक्ट पर कार्य करेंगे

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