बागेश्वर, जेएनएन : सैंज गांव में निरीक्षण के दौरान पुलिस द्वारा की गई मारपीट मामले में एक दारोगा सहित चार सिपाहियों पर गाज गिर गई है। सीओ की जांच रिपोर्ट में पुलिस कर्मियों को दोषी पाए जाने के बाद एसपी ने चारों को निलंबित कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी एमसी जोशी की जांच रिपोर्ट में सैंज गांव में निरीक्षण के दौरान पुलिस का दुव्र्यवहार उजागर हुआ। मामले में दोषी पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शिनी ने उपनिरीक्षक अकरम अहमद, आरक्षी नरेंद्र गोस्वामी, रमेश गढिय़ा व चालक महेंद्र सिंह जीना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया हैं।

यह था मामला

15 सितंबर की देर सायं सैंज गांव में पुलिस को अवैध तरीके से शराब बेचे जाने की सूचना मिली। जिस पर पुलिस ने छापेमारी की। इसमें गिरीश पांडे, राजेश पांडे व दिनेश पांडे के साथ पुलिस ने मारपीट कर दी। मारपीट की यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। मारपीट के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर दिया। आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से क्षेत्र में पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। धरना प्रदर्शन भी हुआ। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ने मामले को बढ़ता देख पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए। सीओ ने शनिवार को पूरी जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी, जिसके बाद कार्रवाई हुई।

आरोपित पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज होगी एफआइआर

पीडि़त राजेश पांडे ने कहा कि उनको न्याय चाहिए। पुलिस की निरंकुशता से खिलाफ न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। पुलिस कर्मियों ने उनके घर में जबरन घुसकर मारपीट की। बिना सर्च वारंट के घर का दरवाजा तोड़ा। मारपीट कर उनको झूठे मुकदमे में भी फंसाया गया। एसपी बागेश्वर प्रीति प्रियदर्शिनी ने बताया कि जांच में प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर पुलिस कर्मियों के निलंबन की कार्रवाई कर दी गई है। नागरिक सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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Posted By: Skand Shukla

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