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    Commissioner Janta Darbar: जिले के अफसरों को जनता दरबार से आईना दिखा रहे कमिश्नर दीपक रावत

    By Prashant MishraEdited By:
    Updated: Sat, 20 Aug 2022 11:36 PM (IST)

    नैनीताल में कमिश्नर का जनता दरबार नित नए आयाम गढ़ रहा है। यहां जनता की हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हो रही है। बड़ी से छोटी समस्या को लेकर लोग पहुंच र ...और पढ़ें

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    प्रशासनिक अफसरों को आईना दिखा रहे कि यदि वे ठीक से काम करते तो जनता दरबार की जरुरत न पड़ती।

    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। सरकारी कामकाज की विडंबना का यह बड़ा उदाहरण है। आपदा से बेघर हुए आठ परिवारों की सुध 10 महीने तक नहीं ली गई। ये लोग दर-दर भटकते रहे, लेकिन पटवारी स्तर के अधिकारियों ने भी फाइल तक आगे नहीं बढ़ाई।

    कमिश्नर जनता की पीड़ा सुनकर उनका निवारण कर जिले के प्रशासनिक अफसरों को आईना दिखा रहे कि यदि वे ठीक से काम करते तो जनता दरबार की जरुरत न पड़ती।

    जनता का भरोसा जीत रहा जनता दरबार

    जब कहीं से आस नहीं दिखी तो शनिवार को रामगढ़ क्षेत्र के बोहराकोट ग्राम सभा के नंद किशोर परिवार समेत कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के जनता दरबार में पहुंचे थे। जब यह हकीकत कमिश्नर ने जानी तो वह भी चौंक गए।

    उन्होंने पटवारी को बुलाया और तत्काल भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे बेघर परिवारों को जमीन मिलने की उम्मीद जग गई है। 

    ये मामले हुए हल

    जनता दरबार में पहुंचे नंद किशोर का कहना था कि तेज बारिश की वजह से 19 अक्टूबर, 2021 की सुबह मेरी छह नाली जमीन बह गई। घर जमींदोज हो गया। जान बचाकर भाग गए, लेकिन कमाने व रहने को कुछ न बचा। तब से उद्यान विभाग के साधारण कमरों में गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। डर लगता रहता है कि कब हमें वहां से जाने को कह दें। जबिक घटना के एक सप्ताह के भीतर ही पटवारी को पूरी स्थिति बता दी थी। तब से दो पटवारी आए और गए। हमें बसाने के लिए भूमि देखी और दिखाई, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ाई। 

    कमिश्नर के यहां शिकायत मतलब काम होना तय

    अब तीसरे पटवारी आने के बाद फाइल आगे बढ़ी है, लेकिन कब हमें जमीन मिलेगी। कुछ भी स्पष्ट नहीं। इस शिकायत पर कमिश्नर रावत ने पटवारी से पूरी स्थिति जानी और डीएम को भी फोन कर जल्द घर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पटवारी ने भी आश्वस्त किया कि काम तेजी से किया जाएगा।

    कमिश्नर ने फोन नंबर दिया और कहा 15 दिन बाद स्थित बताना

    कमिशनर ने नंद किशोर को अपना मोबाइल नंबर भी दिया और कहा, ठीक 15 दिन बाद फोन कर मुझे पूरी स्थिति से अवगत कराना। नंद किशोर ने बताया कि 10 माह बाद अब जमीन जल्द मिलने की उम्मीद जगी है।

    और मिली स्कूल की टीसी

    स्कूलों में स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) नहीं मिलने की शिकायत को लेकर भी लोग जनता दरबार में पहुंच रहे हैं। आवास विकास की लक्ष्मी आर्य ने कहा कि हिमालयन पब्लिक स्कूल वास विकास की ओर से उनके बच्चे के आठवीं की टीसी नहीं दी जा रही है। कमिश्नर ने मौके पर हिमालयन स्कूल से प्रतिनिधि को बुलाया और मामले टीसी उपलब्ध करवाई। 

    इसी तरह देवलचौड़ निवासी आठवीं की छात्रा आशा ने अवगत कराया कि वह एलएसवीएन स्कूल की छात्रा है। विद्यालय टीसी नहीं दे रहा है। इस प्रकरण पर भी स्कूल के प्रतिनिधि को बुलाकर मामले का निस्तारण करवाया। इस तरह 56 शिकायतें पहुंची। इस दौरान आयुक्त पंकज उपाध्याय, तहसीलदार संजय कुमार के साथ ही राजस्व, जलसंस्थान, जलनिगम आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।