पृथ्वी के नजदीक आ रही आसमानी आफत से साइंस की दुनिया में हड़कंप, वैज्ञानिकों की पैनी नजर
Asteroid 2024 YR4 पृथ्वी पर एक और आसमानी आफत मंडरा रही है! क्षुद्रग्रह 2024 YR4 के पृथ्वी से टकराने का खतरा मंडरा रहा है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डॉ शशिभूषण पांडेय के अनुसार यह क्षुद्रग्रह आकार में ऐपोफिस जितना विशाल तो नहीं है लेकिन टकराने पर बड़ा नुकसान पहुंचाने की शक्ति रखता है। यह 22 दिसंबर 2032 में पृथ्वी के बेहद करीब आएगा।

रमेश चंद्रा, नैनीताल। Asteroid 2024 YR4 : ऐपोफिस के बाद एक और आसमानी आफत से पृथ्वी को खतरा हो सकता है। यह एक क्षुद्रग्रह है। जिसके पृथ्वी से टकराने की आशंका विज्ञानी जता रहे हैं। इस क्षुद्रग्रह का नाम 2024 वाईआर 4 है।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार यह क्षुद्रग्रह आकार में ऐपोफिस जितना विशाल तो नहीं है। मगर टकराने पर बड़ा नुकसान पहुंचाने की शक्ति तो रखता ही है। यह 22 दिसंबर 2032 में पृथ्वी के बेहद करीब आएगा। जिस कारण इसके पृथ्वी से टकराने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
मगर अभी सटीक पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है कि वह टकराएगा या फिर नजदीक से होकर गुजर जाएगा। फिलहाल घबराने जैसी कोई बात नहीं है। क्योंकि इससे निबटने की तकनीक मौजूद है। पिछले वर्ष 25 दिसंबर को इसे पहली बार देखा गया था। तभी से यह चर्चाओं में है और इस क्षुद्रग्रह की निरंतर निगरानी की जा रही है। साथ ही अनेक बिंदुओं के साथ गणना की जा रही है।
इस क्षुद्रग्रह का आकार लगभग 150 फीट चौड़ा है। इतना बड़ा पत्थर का टुकड़ा धरती से टकराने पर भारी नुकसान पहुंचा सकता है। इस क्षुद्रग्रह की निगरानी कर रहे विज्ञानियों के अनुसार यह बेहद धुंधला नजर आ रहा है। फिलहाल वह अपने पाथ पर अग्रसर है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (इएसए) ग्रह रक्षा विभाग इस क्षुद्रग्रह की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
दो माह के दो दर्जन क्षुद्रग्रह गुजरेंगे धरती के नजदीक से
नैनीताल: डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार पृथ्वी की दिशा में आने वाले क्षुद्रग्रहों पर कड़ी निगरानी की जाती है। फरवरी के शेष 26 दिनों व मार्च में दो दर्जन क्षुद्रग्रह हमारे करीब से गुजरने जा रहे हैं। इन्हें नियर अर्थ आब्जेक्ट कहा जाता है।
इनमें तीन क्षुद्रग्रहों को विज्ञानियों ने खतरनाक श्रेणी में रखा है। जिनमें एक 28 मीटर का आकार चार फरवरी, दूसरा 37 मीटर का नौ फरवरी, जबकि तीसरा 31 मीटर आकार का 21 मार्च को गुजरेगा। यह सभी इतनी दूरी के साथ गुजरेंगे कि खतरे जैसी कोई बात नहीं है। भविष्य में इनसे कोई खतरा न हो, इस कारण खगोलविद इन पर पैनी नजर बनाए रखते हैं।
10 मीटर से बड़े क्षुद्रग्रह टकरा सकते हैं पृथ्वी से
नैनीताल: 10 मीटर से बड़े आकार के क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकरा सकते हैं, जबकि इनसे छोटे आकार के पिंड आसमान में हमारे वातावरण से स्पर्श करते ही जलकर समाप्त हो जाते हैं। पृथ्वी का वातावरण धरती के सुरक्षा कवच की भूमिका निभाता है। यदि पृथ्वी का अपना वातावरण नहीं होता तो पृथ्वी आए दिन क्षुद्रग्रहों की मार झेलती रहती।
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