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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Road Closed in Champawat: सड़क पर मलबा आने से चम्पावत-टनकपुर हाईवे जाम, फंसे यात्रियों के लिए रैन बसेरे में प्रबंध

By Prashant MishraEdited By:
Published: Fri, 19 Aug 2022 07:52 PM (IST)

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Landslide in champawat वाहनों को वापस चम्पावत और टनकपुर की ओर जाने की अपील की जा रही थी।
Landslide in champawat वाहनों को वापस चम्पावत और टनकपुर की ओर जाने की अपील की जा रही थी।

जागरण संवाददाता, चम्पावत : Landslide in champawat टनकपुर-चम्पावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौन-स्वाला-अमोड़ी के बीच कई स्थानों पर मलबा आने से दोपहर दो बजे से एनएच की रफ्तार थम गई। सड़क बंद होने से सड़क के दोनों और दर्जनों वाहनों में सैकड़ों यात्री फंस गए। 

सड़क खोलने का काम जारी

मलबा आते ही कार्यदायी संस्था एनएच ने सड़क खोलने का काम शुरू कर दिया था, लेकिन लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण मलबा हटाने में दिक्कतें आईं। मलबा ज्यादा होने से देर शाम तक सड़क खुलने की संभावना नहीं है।

समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से रास्ते में फंसे वाहनों को वापस चम्पावत और टनकपुर की ओर जाने की अपील की जा रही थी। कई वाहन वापस चले गए लेकिन कई वाहन रास्ते में ही फंसे रहे। 

पहाड़ी से गिरा मलबा

दोपहर 2:6 बजे स्वाला-अमोड़ी के बीच पहाड़ी का बड़ा हिस्सा गिरकर सड़क पर आ गया। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी मलबा आने से सड़क बंद हो गई है।

शाम छह बजे तक अमोड़ी और बेलखेत के पास आया मलबा हटा लिया गया था। बेलखेत से आगे मलबा हटाने का काम देर शाम तक जारी था।

मौके पर अधिकारी

सड़क बंद होने की जानकारी के बाद उप जिलाधिकारी सदर अनिल कुमार चन्याल, तहसीलदार ज्योति धपवाल एवं एनएच के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

उन्होंने वर्षा के बीच ही सड़क खोले जाने के कार्य का जायजा लिया। आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार स्वाला-अमोड़ी के बीच लगातार पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। 

रैन बसेरे में यात्रियों की व्यवस्था 

सड़क खोलने के काम जारी है, लेकिन बार बार व्यवधान आने से कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। इधर जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने एनएच के अधिकारियों को सुरक्षा के साथ तेजी से कार्य करते हुए मार्ग खोलने एवं यातायात को सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। 

उन्होंने लोगों से वर्षा के दौरान एनएच पर बिना जरूरी काम के यात्रा न करने की अपील है। देर शाम प्रशासन ने रास्ते में फंसे यात्रियों को वापस चम्पावत भेजना शुरू कर दिया। यात्रियों के रहने की व्यवस्था चम्पावत के रैन बसेरे में की गई। 

दोपहर बाद हुई वर्षा से जनजीवन प्रभावित 

शुक्रवार की दोपहर एक बजे से जिले के विभिन्न स्थानों पर रिमझिम वर्षा शुरू हो गई। मैदान क्षेत्र टनकपुर और बनबसा में भी वर्षा हुई।

वर्षा के कारण मलबा आने से बंद चम्पावत- पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने में जेसीबी ऑपरेटरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। चम्पावत, लोहाघाट, पाटी एवं बाराकोट में देर शाम तक वर्षा का सिलसिला जारी था।

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