नैनीताल, जेएनएन : हाईाकोर्ट में उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन की जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। केंद्रीय अंडर सेक्रेटरी परिवहन सुदीप दत्ता हाई कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने अदालत को बताया कि उत्तराखंड परिवहन निगम के उत्तर प्रदेश पर बकाया करीब सात सौ करोड़ दिलाने के मामले में एक माह के भीतर दोनों राज्यों के सचिव की बैठक बुलाएंगे। कोर्ट केंद्रीय सचिव के जवाब पर संतुष्ट नहीं हुई और इस आशय का हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा है। अगली सुनवाई 23 मार्च नियत की गई है। केंद्रीय अपर सचिव के खिलाफ पिछले  दिनों कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया था। जिसके बाद केंद्रीय सचिव आज पेश हुए।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा है कि सरकार उनके खिलाफ एस्मा लगाने जा रही है। सरकार कर्मचारियों को हड़ताल करने पर मजबूर करती रही है। सरकार व परिवहन निगम न तो अस्थायी कर्मचारियों को नियमित कर रही है, न उनको नियमित वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारियों को पिछले चार साल से ओवर टाइम नहीं दिया जा रहा है।

रिटायर कर्मचारियों को देयकों का भुगतान नहीं  किया गया। यूनियन का सरकार व निगम के साथ कई बार मांगो को लेकर समझौता हो चूका है ,उसके बाद भी सरकार एस्मा लगाने को तैयार है। राज्य सरकार ने निगम को 69 करोड़ रुपया बकाया देना है जबकि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा भी निगम को सात सौ करोड़ रुपया देना है ।अगर सरकार व निगम इनको वसूले तो यूनियन व निगम की सारी समस्या का समाधान हो जाएगा

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Posted By: Skand Shukla

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