गरुड़, जेएनएन : बागेश्वर के जिला पंचायत उपाध्यक्ष का लॉटरी सिस्‍टम से हुआ निर्वाचन का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में सुनवाई 22 नवंबर को होगी।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष में इस बार भावना दोसाद व नवीन परिहार के बीच सीधा मुकाबला था। जिसमें लॉटरी प्रणाली से नवीन परिहार को निर्वाचित घोषित किया गया। पराजित उम्मीदवार भावना दोसाद ने नवीन परिहार के निर्वाचन को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा है कि उपाध्यक्ष पद पर दस वोट पड़े थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के बाद उन्हें व उनके प्रतिद्वंद्वी को बराबर 9-9 वोट मिले, लेकिन लॉटरी में पर्ची उसके नाम की निकली। नियमानुसार पर्ची निकले उम्मीदवार को विजेता घोषित किया जाता है, लेकिन निर्वाचन अधिकारी व अन्य अधिकारियों ने उन्हें निर्वाचित घोषित न कर विपक्षी नवीन परिहार को विजयी घोषित कर दिया। हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर सुनवाई के लिए 22 नवंबर की तिथि तय की है। वहीं केएन तिवारी, जिला विकास अधिकारी, बागेश्वर ने बताया कि दोनों प्रत्याशियों को नियमों की जानकारी दी गई थी। उनकी सहमति ली गई थी। पंचायत नियमावली के अनुसार जिसके नाम की पर्ची निकलती है उसे बाहर कर दिया जाता है। जिसकी पर्ची डब्बे में रहती है उसे ही विजेता घोषित किया जाता है।

लॉटरी से हुआ था विजेता का निर्णय

2014 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का निर्णय भी लॉटरी पद्यति से हुआ था। उस हरीश ऐठानी और गोङ्क्षवद सिंह दानू अध्यक्ष पद के प्रत्याशी थे। दोनों का 10-10 मत मिले। इसके बाद लॉटरी से निर्णय हुआ। उस समय भी जिसके नाम की पर्ची निकली थी उसे बाहर कर दिया था। तब हरीश ऐठानी जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे।

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Posted By: Skand Shukla

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