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    हल्‍द्वानी में नौ घंटे हंगामे के बाद खुली मंडी, व्यापारियों ने दी 15 दिन की दी मोहलत

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 07:53 PM (IST)

    हल्द्वानी की सबसे बड़ी मंडी व्यापारियों के कथित उत्पीड़न और मंडी परिषद अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू के अभद्र व्यवहार के विरोध में नौ घंटे बंद रही। भाजप ...और पढ़ें

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    मंडी समिति के प्रशासक ने सभी मांगों पर जताई सहमति, तब जाकर व्यापारियों ने स्थगित किया बंद. Jagran

    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। नए साल पर कुमाऊं की सबसे बड़ी मंडी व्यापारियों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ करीब नौ घंटे बंद रही। भारी हंगामे के बाद मंडी समिति के प्रशासक और भाजपा जिलाध्यक्ष के आश्वासन पर माने। इसके बाद मंडी बंद स्थगित किया। हालांकि व्यापारियों ने मांगें पूरी करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है। साथ ही कृषि उत्पादन मंडी विपणन बोर्ड के अध्यक्ष डा. अनिल कपूर डब्बू के विरुद्ध व्यापारियों की नाराजगी जारी है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मंडी परिषद अध्यक्ष ने सार्वजनिक मंच पर अपने संबोधन के दौरान अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग की।

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    आलू फल आढ़ती व्यापारी असोसिएशन और गल्ला मर्चेंट व्यापारी असोसिएशन के लगभग एक हजार लाइसेंसधारी व्यापारी गुरुवार सुबह करीब छह बजे से मंडी गेट के समीप धरने पर बैठे। करीब 12.30 बजे भाजपा प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, डा. अनिल कपूर डब्बू, मंडी सचिव दिग्विजय सिंह देव मौके पर पहुंचे। प्रताप बिष्ट ने व्यापारियों की सभी मांगें मानने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार व्यापारियों और आम लोगों के साथ खड़ी है। इसके बाद परिषद अध्यक्ष व्यापारियों को संबोधित करने पहुंचे। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि वह कानून के दायरे में रहकर काम करेंगे। वह नियमितीकरण करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने व्यापारियों को लेकर कहा, ''एक हजार रुपये का टैक्स बचाकर चल रहे हैं। ईमानदारी से टैक्स भरो। या बस दौड़ाए जाओ बिना टैक्स के...।'' इसके बाद व्यापारी आक्रोशित हो गए और उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उन्होंने अपमानजनक और अभद्र भाषा में बात करने का आरोप लगाया। इसके बाद अध्यक्ष को वापस लौटना पड़ा।

    व्यापारियों के साथ परिषद अध्यक्ष के बिना दोबारा हुई वार्ता
    करीब ढाई बजे मंडी समिति के प्रशासक और सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान व्यापारियों से बातचीत करने के लिए पहुंचे। परिषद अध्यक्ष अनिल कपूर के बिना दोबारा वार्ता हुई। प्रशासक चौहान ने व्यापारियों की सभी मांगों को मानने पर सहमति जताई। साथ ही प्रताप सिंह बिष्ट ने व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद व्यापारियों ने मांगें माने जाने के लिए 15 दिन की मोहलत दी और मंडी बंद स्थगित किया।

    गेट खुले पर दुकानों में रहे ताले, प्रभावित रहा व्यापार
    व्यापारी सुबह से ही हड़ताल पर थे। हालांकि मंडी के गेट खुले थे, लेकिन दुकानों पर ताले लटके थे। कैंटीन भी बंद थी। फुटकर व्यापार भी बंद रहा था। सुबह से मंडी में पहुंची माल से लदी गाड़ियों से सामान नहीं उतारा गया था। हालांकि मंडी खुलने के बाद शाम को गाड़ियों से माल उतारा गया। नवीन मंडी से हल्द्वानी शहर के साथ-साथ पहाड़ में भी फल, सब्जी और राशन की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में मंडी बंद की जानकारी के बाद ग्रामीण इलाकों में टमाटर की तुड़ाई नहीं की गई, जबकि ट्रांसपोर्ट व्यापारियों को पहले ही जानकारी दे दी गई थी। ऐसे में वे माल लेकर मंडी नहीं पहुंचे। बता दें कि बुधवार को व्यापारियों और मंडी के बीच मौखिक सहमति बन गई थी, लेकिन व्यापारी सार्वजनिक मंच पर लिखित सहमति चाहते थे। इसलिए गुरुवार को बंद किया गया था।

    परिषद अध्यक्ष ने बताया षड्यंत्र
    अनिल कपूर डब्बू ने कहा कि अभी हमने अवैध कब्जों को भी नहीं छेड़ा है। कुछ लोग परेशान हैं, जिन्हें अवैध काम करना है। चबूतरों पर कब्जे हुए हैं। राजनीतिक षड्यंत्र ठीक नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि परदे के पीछे कई लोग हैं, जिन्होंने अवैध कब्जों से जिंदगी काटी है, बनभूलपुरा में अवैध कब्जे करा दिए, आज सुप्रीम कोर्ट का मुंह ताक रहे हैं। ये वही लोग हैं जो इस प्रकार का काम करके देश का माहौल खराब कर रहे हैं।

    व्यापारियों ने मंडी बंद 15 दिन के लिए स्थगित किया है। जो हमारे स्तर की मांगें हैं, उन्हें माना जाएगा और इससे ऊपर की मांगों को उच्च स्तर पर रेफर किया जाएगा। - गोपाल सिंह चौहान, मंडी समिति प्रशासक

    खुलेआम व्यापारियों का अपमान किया गया। उनके साथ अभद्र भाषा में बात की गई। इससे व्यापारी वर्ग आहत है। हमारी मांग है कि ऐसे आचरण वाले व्यक्ति को पदमुक्त किया जाए। - कैलाश जोशी, अध्यक्ष, आलू फल आढ़ती व्यापारी असोसिएशन