बागेश्वर, जेएनएन : अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने प्रेम प्रसंग में बागेश्‍वर के कर्मी गांव निवासी खिलाफ सिंह के दो हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपितों पर बीस हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। जबकि साक्ष्य छुपाने में एक अन्य अभियुक्त को तीन साल की सजा से दंडित किया है। साक्ष्य छुपाने में दस हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त कठोर सजा काटनी होगी और जुर्माने की राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।

शुक्रवार को अल्मोड़ा जेल में बंद 302 और 201 में अभियुक्तण हरीश सिंह उर्फ हरिओम, ललित सिंह उर्फ ललित थापा और चंदन सिंह को सजा सुनाई। अभियुक्तगण हरीश सिंह उर्फ हरिओम और ललित सिंह उर्फ ललित थापा को आजीवन कारावास की सजा और बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा नहीं किए जाने की दशा में अभियुक्तगण एक माह की अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतेंगे। अभियुक्तगण चंदन सिंह, हरीश सिंह उर्फ हरिओम, ललित सिंह उर्फ ललित थापा को तीन वर्ष की कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने की दशा में अभियुक्तगण एक माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भोगेंगे। अदालत ने तीनों आरोपितों को जेल भेजने के आदेश पारित किया।

क्या था प्रकरण

प्रेस प्रसंग के चलते कर्मी गांव निवासी खिलाफ सिंह प्रेमिका के घर जाता था। इसी कारण अभियुक्‍तों ने उसकी हत्‍या कर दी। उनकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया था। घटना 24 मार्च की है और 25 मार्च को मृतक के पिता भवान सिंह ने पुलिस में मामला दर्ज कराया।

नौ माह में आया फैसला

अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने करीब नौ माह में सजा सुनाई और 12 गवाह अदालत में शासकीय अधिवक्ता ने परीक्षित कराए।

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Posted By: Skand Shukla

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