विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रदेश के 75 पीसीएस अफसरों ने नहीं दिया अपनी संपत्ति का ब्यौरा, आरटीआइ में हुआ खुलासा

By Edited By:
Published: Sun, 28 Apr 2019 11:45 PM (IST)Updated: Mon, 29 Apr 2019 09:21 AM (IST)

राज्य के 75 पीसीएस अफसरों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा ही नहीं दिया है। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ है।

प्रदेश के 75 पीसीएस अफसरों ने नहीं दिया अपनी संपत्ति का ब्यौरा, आरटीआइ में हुआ खुलासा
प्रदेश के 75 पीसीएस अफसरों ने नहीं दिया अपनी संपत्ति का ब्यौरा, आरटीआइ में हुआ खुलासा

काशीपुर, जेएनएन : अफसरों के लिए हर साल संपत्ति का विवरण देने का प्रावधान है, मगर राज्य में कई ऐसे पीसीएस अफसर हैं जो इस आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं। राज्य के 75 पीसीएस अफसरों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा ही नहीं दिया है। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ है।
काशीपुर के ग्राम मिस्सरवाला निवासी आरटीआइ कार्यकर्ता आसिम अजहर ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत राज्य के पीसीएस अधिकारियों के संपत्ति का ब्योरा व कार्रवाई की सूचना मांगी गई थी। अनुसचिव व लोक सूचना अधिकारी एचपी तिवारी की ओर से 16 अप्रैल को उपलब्ध कराई गई सूचना के तहत राज्य मेंं कुल 151 पीसीएस अफसर हैं। 75 पीसीएस अफसरों ने वर्ष 2017-18 का अपना संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है।

इन अफसरों ने नहीं दिया है ब्यौरा 
पीसीएस अधिकारी वीर सिंह बुदियाल, गिरीश चंद्र गुणवंत, अर्चना गहरवार, देवमूॢत यादव, देवानंद, प्रकाश चंद, आरडी पालीवाल, उदय सिंह राणा, नवनीत पांडे, जगदीश चंद्र कांडपाल, कैलाश टोलिया, रुचि मोहन रयाल, संजय कुमार, ललित नारायण मिश्र, श्रीष कुमार, प्रवेश चंद्र डंडरियाल, भगत सिंह फोनिया, हंसादत्त पांडे, श्याम ङ्क्षसह राणा, लक्ष्मी राज चौहान, प्रशांत आर्य, प्यारेलाल शाह, रामजी शरण शर्मा, बृजेश कुमार तिवारी, नंदन ङ्क्षसह नगन्याल, शिवचरण द्विवेदी, सुरेंद्र सिंह जंगपांगी, ललित मोहन रयाल, मेहरबान सिंह नेगी, जगदीश लाल, दीपेंद्र सिंह, राजकुमार पांडे, संतोष कुमार पांडे, राकेश चंद्र तिवारी,  देवेंद्र सिंह नेगी, नारायण सिंह डांगी, गिरधारी सिंह रावत, चतर सिंह चौहान, दिनेश प्रताप सिंह, निधि यादव, पंचराम चौहान, राहुल कुमार गोयल, अनिल कुमार, तीरथ पाल सिंह, रेखा कोहली, हरगिरि, कुसुम चौहान, बीएल फिरमाल, आलोक कुमार पांडे, रवनीत चीमा, मनमोहन सिंह, पंकज उपाध्याय, विजयनाथ शुक्ल, इला गिरि, भगवत किशोर मिश्रा, दीप्ति सिंह, नरेश दुर्गापाल, विनोद गिरि गोस्वामी, प्रकाश चंद्र दुमका, आशीष भट्टगई, जयभारत, बंशीधर तिवारी, सोहन सिंह सैनी, अनिल कुमार चन्याल, प्रमोद कुमार, हरीश चंद्र कांडपाल, रिचा सिंह, कौस्तुभ मिश्र, जितेंद्र कुमार, कमलेश मेहता, रविंद्र सिंह, सौरभ असवाल, अमृता परमार, योगेंद्र सिंह, मायादत्त जोशी समेत 75 अफसर हैं।

शासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं 
संपत्ति का ब्योरा न देने वाले अफसरों के खिलाफ शासन की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। जबकि राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के नियम 22 के तहत यह आचरण कदाचार के तहत आता है। इसके तहत सरकार इन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। संपत्ति का ब्योरा न देने पर कितने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, इसकी सूचना नहीं दी गई है।
यह भी पढ़ें : सुबह भाई ने दरवाजा खटखटाया, बहन ने नहीं खोला कमरा, खिड़की से देखा तो फंदे से लटक रही थी लाश
यह भी पढ़ें : कुमाऊं यूनिवर्सिटी के 32 हजार छात्रों ने अब तक सेमेस्टर परीक्षा के लिए नहीं किया आवेदन