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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haridwar Kumbh Mela 2021: दुनिया में धर्म की पताका फहरा रहे संत-महापुरूष

By Sunil NegiEdited By:
Published: Wed, 03 Mar 2021 11:10 PM (IST)

Haridwar Kumbh Mela 2021 निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि पेशवाई में संत महापुरुषों के ...और पढ़ें

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि पेशवाई में संत महापुरुषों के दर्शन भक्तों को आनंदित करते हैं।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि पेशवाई में संत महापुरुषों के दर्शन भक्तों को आनंदित करते हैं।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Haridwar Kumbh Mela 2021 निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि पेशवाई में संत महापुरुषों के दर्शन श्रद्धालु भक्तों को आनंदित करते हैं। धर्म की पताका को दुनिया में फहराने का विशेष दायित्व संत-महापुरूष निभाते चले आ रहे हैं। धार्मिक क्रियाकलाप ही हिंदू संस्कृति को दर्शाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। 

बुधवार को पेशवाई के मौके पर निरंजनी पीठाधीश्वर ने यह बात कही। इस मौके पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि पेशवाई के बाद अखाड़े के समस्त नागा संन्यासी व संत-महापुरुष अखाड़े की छावनी में रहकर धार्मिक क्रियाकलाप संपन्न करेंगे। 

निंरजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित अखाड़ा परंपरा के दर्शन कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को होते हैं। अखाड़ा परिषद व संतों के सानिध्य में कुंभ संपन्न होगा। आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि महाराज ने कहा कि कुंभ सनातन संस्कृति को नजदीक से जानने-समझने का अवसर होता है। श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति को समझते हुए उसके अनुरूप आचरण करना चाहिए।  निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरि महाराज ने कहा कि एक ही स्थान पर संत महापुरुषों के दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे बेहतर पर्व कुंभ मेला है।

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