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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haridwar Kumbh Mela 2021: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्थापित की जूना अखाड़ा की धर्मध्वजा

By Sunil NegiEdited By:
Published: Wed, 03 Mar 2021 10:16 PM (IST)

Haridwar Kumbh Mela 2021 जूना अखाड़ा में मुख्यमंत्री ने हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी मायादेवी की पूजा अर्चना कर कुंभ 2021 ...और पढ़ें

जूना अखाड़ा मायादेवी परिसर में पहुंचने पर मुख्यमंत्री को मायादेवी की चुनरी पहना कर स्वागत करते संत।
जूना अखाड़ा मायादेवी परिसर में पहुंचने पर मुख्यमंत्री को मायादेवी की चुनरी पहना कर स्वागत करते संत।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Haridwar Kumbh Mela 2021 जूना अखाड़ा में मुख्यमंत्री ने हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी मायादेवी की पूजा अर्चना कर कुंभ 2021 के सफल, कुशल व निर्विघ्न संपन्न होने का आशीर्वाद मांगा। दत्तात्रेय चरणपादुका के दर्शन कर मुख्यमंत्री ने नारियल फोड़कर जूना अखाड़ा की धर्मध्वजा स्थापित की। 

श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, आह्वान अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा की धर्मध्वजा स्थापित किए जाने की तैयारियां बुधवार सुबह से चल रही थी। धर्मध्वजा की स्थापना शाम चार बजे की जानी थी। जिसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के शामिल होने की संभावना थी। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी कार्यक्रम में इसका उल्लेख नहीं था। लेकिन, मुख्यमंत्री हेलीपैड से सीधे जूना अखाड़ा पहुंच गए और अखाड़े के इष्टदेव भगवान गणेश की पूजा अर्चना के बाद धर्मध्वजा स्थापना कार्यक्रम का आरंभ किया।

मुख्यमंत्री ने किन्नर अखाड़े के संतों और महामंडलेश्वरों से भी भेंट की और कुंभ मेले की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि महाराज, अंतरराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज, राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत मोहन भारती, श्रीमंहत महेशपुरी, श्रीमहंत शैलेन्द्र गिरि ने उनका स्वागत किया। 

देश विदेश में बैठे आमजन ने लाइव देखी पेशवाई

इंटरनेट मीडिया के जरिये देश-विदेश में सैकड़ों भक्तों ने बुधवार को निरंजनी अखाड़े की पेशवाई लाइव देखी। कोरोना की वजह से हरिद्वार नहीं आ सके श्रद्धालुओं ने फेसबुक और वाट्सएप पर वीडियो कॉल के जरिये पेशवाई को लाइव देखा। पेशवाई के दौरान साधु संतों के साथ उनके रथ पर सवार अनुयायी भी वीडियो कॉल से लाइव करते रहे। वहीं संतों ने फेसबुक लाइव पर दिए प्रवचन भी दिए। साथ ही मौके पर मौजूद भक्तों में मोबाइल कैमरे से सेल्फी लेने और पेशवाई की तस्वीर लेने की होड़ लगी रही।

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