रुड़की, जेएनएन। चश्मा कारोबारी से ठगों ने एक बार फिर ग्राहक बनकर ऑनलाइन ठगी का प्रयास किया है, लेकिन इस बार चश्मा कारोबारी उनके झांसे में आने से बच गया। जिससे इस बार ऑनलाइन ठगी होने से बच गई। कारोबारी ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। साथ वह मोबाइल नंबर भी पुलिस को दे दिया है, जिससे कारोबारी को फोन आया था। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। सिविल लाइंस बाजार में पुनीत गुप्ता की नीलम ऑप्टिकल नाम से चश्मों की दुकान है। सुबह जब वह दुकान पर पहुंचे तो उनके मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने पूछा कि आप नीलम ऑप्टिकल से बोल रहे हो। इस पर कारोबारी पुनीत गुप्ता ने कहा हां। फोन करने वाले ने कुछ लैंसों के नाम लेते हुए बताया कि उसे अपनी कंपनी के लोगों के लिए इस लैंस के चश्मे चाहिए। उसने चश्मे का रेट भी पूछा। इसके बाद कहा कि वह पेटीएम से सारा पेमेंट करेगा। अपना पेटीएम नंबर दे दे। कारोबारी ने पेटीएम यूज न करने की बात कही।

इस पर उसने कहा कि किसी दूसरे का नंबर दे देना। उस पर जो ओटीपी आएगा। वह बता देना। इतनी बात सुनते ही कारोबारी पुनीत गुप्ता को पता चल गया कि फोन करने वाला कोई ग्राहक या कंपनी का मालिक नहीं है बल्कि ठग है। कारोबारी ने ठग से कहा कि वह उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराएंगे। इस पर ठग ने उन्हें भद्दी गालियां दी। कारोबारी पुनीत गुप्ता ने बताया कि पांच माह पहले भी उनके पास इसी तरह से फोन आया था। उस समय वह उसके झांसे में आ गए थे।

उन्होंने अपने भाई के पेटीएम के बारे में बता दिया था। इसके बाद ओटीपी भी बता दिया था। जिसके बाद उनके भाई के खाते में जमा सारी रकम खाते से उड़ गई थी। कारोबारी ने मामले की जानकारी कोतवाली रुड़की पुलिस को दी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि मामले की पड़ताल की जा रही है।

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