जागरण संवाददाता, रुड़की: आइआइटी रुड़की और आइआइटी बीएचयू ने गुरुवार को आइआइटी बीएचयू, बनारस में नए आर्किटेक्चर एवं नियोजन विभाग के संरक्षण, अकादमिक सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत संस्थान कई गतिविधियों का आयोजन करेगा।

इस अवसर पर आइआइटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि संस्थान अपने उत्कृष्ट आर्किटेक्चर एवं नियोजन विभाग के लिए जाना जाता है। ऐसे में संस्थान के साथ यह साझेदारी काफी फायदेमंद होगी। इसके जरिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान, आपसी सहयोग से अनुसंधान गतिविधियां, फैकल्टी एवं स्टाफ के दौरे, पीएचडी सहित पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए संयुक्त पर्यवेक्षण, सेमिनारों एवं सम्मेलनों का संयुक्त आयोजन और पुस्तकालयों के माध्यम से जानकारी का आदान-प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी देश के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। साथ ही सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक केंद्र के रूप में जाना जाता है। इस पवित्र शहर एवं आसपास के क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नया आर्किटेक्चर एवं नियोजन विभाग आइआइटी बीएचयू में बनाया जा रहा है। वहीं, आइआइटी बीएचयू के निदेशक प्रो. पीके जैन ने कहा कि आइआइटी रुड़की के पास देश के आइआइटी संस्थानों का सबसे पुराना आर्किटेक्चर एवं नियोजन विभाग है। इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होना उनके लिए बेहद खास है।

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Edited By: Jagran