विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइआइटी रुड़की और एनआइएच के बीच हुआ सहमति करार, पढ़िए पूरी खबर

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 16 Nov 2019 01:33 PM (IST)Updated: Mon, 18 Nov 2019 11:53 AM (IST)

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की ने राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (एनआइएच) रुड़की के साथ सहमति करार किया है।

आइआइटी रुड़की और एनआइएच के बीच हुआ सहमति करार, पढ़िए पूरी खबर
आइआइटी रुड़की और एनआइएच के बीच हुआ सहमति करार, पढ़िए पूरी खबर

रुड़की, जेएनएन। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की ने राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (एनआइएच) रुड़की के साथ सहमति करार किया है। इसके तहत दोनों संस्थानों ने जलविज्ञान, जल संसाधन और संबद्ध विज्ञानों पर केंद्रित उत्कृष्ट मानव संसाधन के विकास के लिए एक मौलिक केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। यह सहमति करार तीन वर्षों के लिए मान्य होगा और आपसी सहमति से इसे विस्तार भी दिया जा सकता है।

इस करार पर हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान आइआइटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि इस करार से दोनों संस्थानों के बीच शोध के सहयोग बढ़ेंगे। हम लंबे समय से इस दिशा में कार्यरत थे। वहीं एनआइएच के निदेशक शरद कुमार जैन ने कहा कि जलविज्ञान एवं जल संसाधन में शोध एवं विकास की रुड़की की लंबी और उत्कृष्ट परंपरा रही है। 

आइआइटी रुड़की से इस सहमति करार से दोनों संस्थानों का संबंध और मजबूत होगा। कहा कि उन्हें विश्वास है कि हम मिल कर पानी के संकट का स्थायी और इनोवेटिव समाधान ढूंढ़ लेंगे। इस करार के तहत दोनों संस्थान परस्पर सहमति की शर्तों पर अपने-अपने महत्वपूर्ण शोध एवं विकास उपकरण साझा करेंगे। दोनों संस्थान आपसी हित के क्षेत्रों में संयुक्त सम्मेलन, कार्यशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे।

यह भी पढ़ें: यहां चिकित्सकों ने सबसे छोटे पेसमेकर का किया प्रत्यारोपण, पढ़िए पूरी खबर

इसके अलावा एनआइएच के शोध एवं विकास प्रोजेक्ट पर पूर्ण कालिक कार्यरत नियमित वैज्ञानिक और शोध के विद्यार्थी आइआइटी रुड़की में एमटेक एवं पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। उधर, दोनों संस्थानों ने इस आपसी साझेदारी के समन्वयन और निगरानी के उद्देश्य से पहले ही समिति का गठन कर दिया है।

यह भी पढ़ें: ढाई माह में 33 लोगों को किया गया कॉर्निया प्रत्यारोपित Dehradun News