जागरण संवाददाता, हरिद्वार। कुंभ में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने को मेला स्वास्थ्य विभाग की ओर से आउट पोस्ट पर एक-एक बेड के नौ मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) बनाए जाएंगे। जहां राउंड द क्लॉक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया होंगी।

कुंभ में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने को अस्थायी अस्पतालों का निर्माण कराया जा रहा है। पावनधाम के समीप खाली मैदान में जहां 150 बेड के अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं गौरी शंकर और बैरागी कैंप में 50-50 बेड के दो अस्पतालों का निर्माण कराया जा रहा हे। इसके अलावा रोड़ी बेलवाला और नीलधारा में क्रमश: 40 और 30 बेड के अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है।

पंतद्वीप, रोड़ी बेलवाला, मायापुर और सप्त सरोवर में 20-20 बेड के चार अस्पतालों के अलावा आउट पोस्टों पर दस-दस बेड के 11 और एक-एक बेड के नौ मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) का निर्माण कराया जाएगा। कुंभ की अवधि एक माह की होने के चलते इन कार्यों के मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि पावनधाम के समीप खाली मैदान में बनने वाले अस्थायी अस्पताल का निर्माण कमोबेश पूरा हो गया है। 150 बेड के इस अस्पताल में 20 बेड के आइसीयू और आइसीसीयू के अलावा 10 बेड के बर्न यूनिट की भी व्यवस्था है।

डॉ. अर्जन सिंह सेंगर (मेलाधिकारी स्वास्थ्य) ने कहा कि कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने को मेला स्वास्थ्य की ओर से अस्थायी अस्पतालों का निर्माण कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा को आउट पोस्टों पर दस-दस बेड के 11 और एक-एक बेड के नौ मेडिकल रिलीफ कैंप का निर्माण कराया जाएगा। 

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कुंभ क्षेत्र को छह सेक्टरों में बांटा

कुंभ मेले को देखते हुए राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने कमर कस ली है। कुंभ के दौरान वन्यजीव जंगल से शहर के आबादी वाले इलाकों में न आए इसे लेकर चौकसी बरती जा रही है। बकायदा शहरी क्षेत्र को छह सेक्टर में बांटा गया है। राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम हरिद्वार वन प्रभाग के साथ समन्वय बनाकर चौकसी का कार्य करेगी।

कुंभ मेला क्षेत्र जंगल से घिरा हुआ है। इसलिए अक्सर वन्य जीव शहर में आ धमकते हैं। विशेषकर हाथी एवं गुलदार को लेकर भय बना रहता है। राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज के रेंजर विजय कुमार सैनी ने बताया कि हरिद्वार, खड़खड़ी, बिल्वकेश्वर, टिबड़ी, रानीपुर गेट एवं रावली महदूद को सेक्टरों में बांटा गया है। यहां तैनात टीमों में कम से छह से सात कर्मचारी शामिल रहेंगे। जो अपने सेक्टर में वन्य जीवों आने पर उसे जंगल में खदेड़ देंगे। साथ ही उच्चाधिकारियों को वन्य जीवों की नियमित जानकारी भी देंगे। इसके अलावा चंडीदेवी, चीला एवं कौड़िया में भी टीमें तैनात रहेंगी। राजाजी टाइगर रिजर्व की टीमें लगातार हरिद्वार वन प्रभाग की टीमों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगी। कुंभ में वन्य जीव-मानव संघर्ष हो, इसका पूरा प्रयास रहेगा। 

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Edited By: Sunil Negi