यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haridwar Kumbh Mela 2021: हरिद्वार कुंभ में नागा संन्यासियों का आगमन शुरू
Haridwar Kumbh Mela 2021 कुंभ में नागा संन्यासियों का आगमन शुरू हो गया है। नागा संन्यासी श्रीमहंत रामवन के हरिद्वार ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Haridwar Kumbh Mela 2021 कुंभ में नागा संन्यासियों का आगमन शुरू हो गया है। बुधवार को नागा संन्यासी श्रीमहंत रामवन के हरिद्वार पहुंचने पर पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी में कन्या पूजन हुआ। अखाड़ा सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी और अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने फूल मालाएं पहना कर नागा श्रीमहंत का स्वागत किया। गुरुवार को जमात एसएमजेएन कॉलेज मैदान में बनी छावनी में पहुंचेगी।
इस अवसर पर पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव और मेला प्रभारी श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने कहा कि मुगल काल में नागा संन्यासियों ने सनातन धर्म की रक्षा की थी। वर्तमान में भी सनातन धर्म की रक्षा के लिए नागा संन्यासियों का होना बहुत जरूरी है। बताया कि श्रीमहंत रामवन अखाड़ा के सिद्ध महात्मा हैं। उन्होंने आजीवन वस्त्र नहीं पहने हैं। देशभर में 50 से अधिक मंदिर उन्होंने बनवाए हैं। वह किसी भी स्थान पर ज्यादा दिन नहीं रुकते और कभी पक्के मकान में नहीं रहते हैं। हमेशा तंबू में ही रहकर अपनी तपस्या करते हैं। श्रीमहंत राम रतन गिरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की रक्षा के साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए संत समाज ने हमेशा अपना योगदान दिया है। अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने कहा कि रमता पंच गुरुवार को हरिद्वार पहुंच जाएंगे। इसके लिए सभी व्यवस्था कर ली गई है।
संतों ने किया पेशवाई मार्ग का निरीक्षण
श्री पंचदशनाम आह्वान अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्यगिरी महाराज ने अखाड़े के संतों के साथ ज्वालापुर के पांडेवाला स्थित गुघाल मंदिर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने पंचायती धड़ा फिराहेड़ियान के पदाधिकारियों से पांच मार्च को निकलने वाली पेशवाई की तैयारियों पर चर्चा की। इस वर्ष हो रहे कुंभ में भी अखाड़े के रमता पंचों के नेतृत्व में गुघाल मंदिर से भव्य पेशवाई निकाली जाएगी।
बुधवार को निरीक्षण के दौरान श्रीमहंत सत्यगिरी ने कहा कि प्राचीन समय से ही अखाड़े की पेशवाई प्राचीन गुघाल मंदिर से रवाना होती रही है। ज्वालापुर के विभिन्न बाजारों से होते हुए पेशवाई अखाड़े की छावनी पहुंचेगी। इस दौरान श्रीमहंत कैलाशपुरी, राजेश गिरी, श्रीमहंत ऋषिराज पुरी, राजेंद्र भारती, राजेश गिरी, महंत भगीरथ गिरी समेत कई तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।
