यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haridwar में बारिश के बाद आए सैलाब में बह गई थीं गाड़ियां, अब पांच दिन के लिए जारी हुआ Heavy Rain Alert
Heavy Rain Alert in Haridwar तीन दिन पहले हरिद्वार में बारिश के बाद सैलाब में कई वाहन गंगा नदी में ...और पढ़ें

HighLights
- मंगलवार को दिनभर में कहीं रुक-रुककर बूंदाबांदी तो कहीं हुई रिमझिम वर्षा
- मौसम में बदलाव के कारण दिन के तापमान में आई तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट
जागरण संवाददाता, रुड़की। Heavy Rain Alert in Haridwar: तीन दिन पहले हरिद्वार में बारिश के बाद सैलाब में कई वाहन गंगा नदी में बह गए थे। तब मौसम विभाग द्वारा कोई अलर्ट भी जारी नहीं किया गया था, लेकिन अब मौसम विभाग ने हरिद्वार जिले में पांंच दिन के लिए भारी बारिश की संभावना जताई है। तो धर्मनगरी और हरिद्वार जिले के बाशिंदों को सावधान रहने की जरूरत है।
वहीं रुड़की शहर व आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को दिनभर में रुक-रुककर कहीं बूंदाबांदी तो कहीं रिमझिम वर्षा हुई। पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहे।
तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट
मौसम में बदलाव की वजह से दिन के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, अभी उमस से लोगों को राहत नहीं मिली है। उधर, हरिद्वार जिले में सात जुलाई तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है।
रुड़की में मंगलवार को सुबह से ही आसमान में काले घने बादल छाये रहे। साथ ही, कहीं पर बूंदाबांदी व रिमझिम वर्षा भी हुई। सोमवार की तुलना में मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस से लुढ़ककर 30.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना
उधर, हरिद्वार जिले में सात जुलाई तक बादल छाये रहने और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन विभाग में संचालित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना से मिली जानकारी के अनुसार तीन जुलाई को 30 मिमी, चार जुलाई को 25 मिमी, पांच जुलाई को 30 मिमी, छह जुलाई को 25 मिमी और सात जुलाई को 30 मिमी वर्षा का अनुमान है।
परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए किसान फसलों पर रसायन का छिड़काव व खेत में सिंचाई न करें।
