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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chandrayaan-3: BHEL ने 'चंद्रयान-3' की सफल उड़ान पर ISRO को दी बधाई; चंद्र मिशन की सफलता में भी रहा अहम योगदान

By Anoop kumar singhEdited By: riya.pandey
Published: Sat, 15 Jul 2023 07:42 PM (IST)

Chandrayaan-3 Launch चंद्रयान की सफलता में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) का भी महत्वपूर्ण योगदान है। बीएचईएल ने चंद्रयान के ...और पढ़ें

Chandrayaan-3 Launch: BHEL ने 'चंद्रयान-3' की सफल उड़ान पर ISRO को दी बधाई
Chandrayaan-3 Launch: BHEL ने 'चंद्रयान-3' की सफल उड़ान पर ISRO को दी बधाई

हरिद्वार, [अनूप कुमार सिंह]। Chandrayaan-3 Launch: 'चंद्रयान' की सफलता में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) का भी महत्वपूर्ण योगदान है। बीएचईएल ने चंद्रयान के सफर को सुगम व निर्बाध बनाने के लिए उसकी ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति देश निर्मित उपकरणों से की है।

बीएचईएल ने 'चंद्रयान-3' के लिए देश में ही निर्मित किए सभी उपकरण

बीएचईएल ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को प्रोपल्सन माड्यूल भी उपलब्ध कराया (यह यान को ऊपर ले जाने में सहायता करता है)। साथ ही यान को उसकी निर्धारित दिशा में बनाए रखता है। विशेष यह कि बीएचईएल ने 'चंद्रयान-3' के लिए यह सभी उपकरण देश में ही निर्मित किए। बीएचईएल प्रबंधन ने इसरो प्रबंधन को सतीश धवन स्पेस सेंटर (एसडीएससी) से चंद्रयान-3 (एलवीएम-3-एम4) के सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई दी है।

मिशन को सफल बनाने में बीएचईएल का अहम योगदान

इस काम में विभिन्न जगहों पर कथित बीएचईएल इकाइयों ने सहयोग किया है। वह इकाइयां कौन-कौन सी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न होने के कारण बीएचईएल प्रबंधन ने इसका खुलासा नहीं किया है। देश की महारत्न कंपनी बीएचईएल राष्ट्र की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति करने के साथ-साथ दो दशकों से भारत की अंतरिक्ष आकांक्षाओं को शक्ति देने के लिए इसरो के साथ सक्रिय सहयोग व साझेदारी कर रही है।

बीएचईएल निर्मित बैटरी से सुसज्जित है भारत का तीसरा 'चंद्र मिशन'

भारत का तीसरा 'चंद्र मिशन' BHEL निर्मित बैटरी से सुसज्जित है। यह बैटरी यान के लैंडर मॉड्यूल में लगी हैं और लैंडर की ऊर्जा आवश्यताओं की पूर्ति कर रही हैं। इसी तरह प्रोपल्सन मॉड्यूल (लांच और मनोउरिंग) की बिजली की आपूर्ति को पूरा करता है। मनोउरिंग यान को उसकी निर्धारित दिशा में तो बनाए रखता है, साथ ही यह यान को उसकी आवश्यकता अनुसार गति को बूस्टर डोज भी देता है, जो यान की गति को बढ़ाता है।

चंद्रयान के ईंधन टैंक में 'टाइटेनियम प्रोपेलेंट टैंक' का भी निर्माण

BHEL ने चंद्रयान के ईंधन टैंक ''टाइटेनियम प्रोपेलेंट टैंक" का भी निर्माण किया है। टाइटेनियम एक विशेष तरह की धातु है, जो वजन में कम और ताकत में ज्यादा (मजबूती) में अन्य धातुओं से बेहतर है। जहां एक ओर इसका वजन कम होता है, वहीं दूसरी ओर वह बेहद मजबूत होती है।

अंतरिक्ष मिशन में इसका उपयोग उसकी इन्हीं खूबियों के कारण किया जाता है क्योंकि मिशन में यान का वजन का कम रहना सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रोपेलेंट एक तरह का ईंधन है, जिसका अंतरिक्ष मिशन में बहुधा उपयोग होता है। इस ईंधन को रखने के लिए जिस टैंक की 'चंद्रयान-3' को आवश्यकता थी, उस टाइटेनियम प्रोपेलेंट टैंक का निर्माण ISRO के लिए देश की महारत्न कंपनी बीएचईएल ने किया।