लक्सर, जेएनएन। तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लडऩे वाली लक्सर (हरिद्वार) निवासी आतिया साबरी ने लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी तीन तलाक बिल पास होने पर खुशी जताई है। आतिया का कहना है कि तीन तलाक पर कानून बनने से न केवल मुस्लिम महिलाओं का उत्पीडऩ रुकेगा, बल्कि उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा भी मिल सकेगा। कहा कि सही मायने में उनका संघर्ष को अब जाकर अंजाम तक पहुंचा है। 

आतिया साबरी खुद तीन तलाक का दंश झेल चुकी हैं। उनका निकाह सुल्तानपुर क्षेत्र निवासी वाजिद अली के साथ हुआ था, लेकिन निकाह के कुछ समय के बाद ही पति समेत ससुराली उन्हें दहेज के लिए प्रताडि़त करने लगे। दो बेटियों को जन्म देने के बाद आतिया के पति ने उन्हें एकतरफा तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। अतिया ने तीन तलाक को न्यायालय में चुनौती दी थी और इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक लड़ा। आतिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार समेत अन्य संस्थाओं को नोटिस जारी किया। इसके बाद तीन तलाक पर देशभर में बहस शुरू हुई और इस संबंध में कानून बनाने की कार्रवाई आरंभ हुई। 

केंद्र सरकार की ओर से तीन तलाक पर लाए गए बिल को लोकसभा में पहले ही मंजूरी मिल गई थी। मंगलवार को इसे राज्यसभा ने पास कर दिया। अब इस पर राष्ट्रपति की मुहर लगना बाकी है, इसके बाद यह कानून बन जाएगा। आतिया ने कहा कि तीन तलाक के खिलाफ उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। उनके ऊपर तरह-तरह से दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

अब रुकेगा महिलाओं का उत्पीड़न 

आतिया का कहना है कि कहा कि  तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं के समानता के अधिकार और सम्मान से जीने की राह में बाधक है। लेकिन, अब कानून बनने से अब मुस्लिम महिलाओं को समानता और सम्मान के साथ जीने का अवसर मिल सकेगा। साथ ही उनके उत्पीडऩ पर भी रोक लग सकेगी। तीन तलाक बिल राज्यसभा में पास होने पर आतिया के परिवार वालों ने भी खुशी जताई और आतिया समेत एक-दूसरे का मुंह मीठा कर बधाई दी।

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