जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Haridwar Kumbh Mela 2021 गुरुवार को निकलने वाली जूना व अग्नि अखाड़े की पेशवाई में किन्नर अखाड़ा भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। जूना और अग्नि अखाड़े के साथ ही किन्नर अखाड़ा की भी धर्म ध्वजा स्थापित हो गई है। किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि हमारे सनातनी बच्चे हमारे सनातन धर्म को समझें। सनातन धर्म मॉडर्न धर्म है, स्वयं हमारे महादेव लिंग समानता की बात करते हैं, हम सब इसी धर्म के छोटे-छोटे बच्चे हैं।

किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि हरिद्वार की धरती पर धर्म ध्वजा स्थापित, पेशवाई और गंगा स्नान करना किन्नर अखाड़ा के लिए स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। हरिद्वार कि इस धरती पर गंगा मैया के आशीर्वाद से हमारी धर्म ध्वजा स्थापित हुई है और गंगा मैया के आशीर्वाद से ही हम जूना अखाड़े के साथ पेशवाई निकालकर शाही स्नान भी करेंगे।

त्रिपाठी ने कहा कि किन्नर अखाड़े में महिला और पुरुष सब हैं, हमारे अखाड़े सबके लिए खुला दरबार है उन्होंने कहा कि समाज में लैंगिक भेदभाव को किन्नर समाज से ज्यादा कोई नहीं जानता है। कटाक्ष क्या होता है यह भी किन्नर समाज से ज्यादा कोई नहीं झेलता है उन्होंने कहा कि सभी आडंबर से बचते हुए किन्नर अखाड़ा लगातार आगे बढ़ेगा।

अब हेलीकॉप्टर से कर पाएंगे कुंभ दर्शन

अब हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु हेलीकॉप्टर से भी कुंभ दर्शन कर सकेंगे। कांगड़ी गांव से एक हेली कंपनी जल्द हेली सेवा शुरू करने जा रही है। कुंभ दर्शन के लिए हेलीकॉप्टर में एक बार में पांच सवारी बैठाई जाएंगी। एक सवारी का किराया 4630 रुपये तय किया गया है। कांगड़ी से उड़ान भरने के बाद महज 10 मिनट में हरिद्वार मेला क्षेत्र में पहुंचकर कुंभ दर्शन होगा। 

कांगड़ी गांव में बने हेलीपैड से कुंभ दर्शन के लिए हेलीकॉप्टर प्रतिदिन सवारियों की मौजूदगी को देखते हुए उड़ान भरेगा। यात्रियों को हेली से ही कुंभ मेला क्षेत्र सहित पूरे हरिद्वार का दर्शन कराया जाएगा। हेली सेवा प्रदान करने वाली कंपनी के अधिकारी दीपक ने बताया कि शाही स्नान के अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की तादाद इतनी बढ़ जाती है कि हरिद्वार में पैर रखने की जगह भी नहीं मिलती है। ऐसे में कई बुजुर्ग श्रद्धालु हरिद्वार सहित अन्य मंदिरों के दर्शन नहीं कर पाते। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय से हेली सेवा के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। जल्द ही, यात्रा का आरंभ करने के लिए उत्तराखंड की राज्यपाल को आमंत्रित किया गया है। 

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