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    योग गुरु बाबा रामदेव पहुंचे दरगाह पिरान कलियर, यहां उन्होंने की चादरपोशी की और मांगी दुआ

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Fri, 24 Dec 2021 07:46 PM (IST)

    आज शुक्रवार शाम को बाबा रामदेव दरगाह पिरान कलियर पहुंचे। यहां पर उन्होंने चादरपोशी की और दुआ मांगी। इस दौरान किसी को भी दरगाह के अंदर नहीं जाने दिया ग ...और पढ़ें

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    योग गुरु बाबा रामदेव शुक्रवार को दरगाह पिरान कलियर पहुंचे। यहां पर पहुंचकर उन्होंने चादरपोशी की और दुआ मांगी।

    संवाद सूत्र, कलियर। योग गुरु बाबा रामदेव शुक्रवार की शाम को दरगाह पिरान कलियर पहुंचे। यहां पर पहुंचकर उन्होंने चादरपोशी की और दुआ मांगी। इस दौरान किसी को भी दरगाह के अंदर नहीं जाने दिया गया। यहां तक की उनकी सुरक्षा के लगे कर्मचारियों ने मीडियाकर्मियों को भी अंदर जाने नहीं दिया।

    शुक्रवार को बाबा रामदेव एक निजी कार्यक्रम के तहत दरगाह पिरान कलियर पर पहुंचे। बाबा रामदेव के आने के कार्यक्रम की सूचना मीडिया कर्मियों को थोड़ी देर पहले लगी तो यहां पर जमावड़ा हो गया। गेट पर गाड़ी खड़ी करने के बाद बाबा रामदेव दरगाह के अंदर प्रवेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी उनका फोटा ना ले। वह व्यक्तिगत कार्यक्रम के तहत ही दरगाह में चादर चढ़ाने के लिए उपस्थित हुए है।

    इसके बाद मीडिया कर्मियों ने उनसे सवाल पूछना चाहा, लेकिन उन्होंने किसी का कोई जवाब नहीं दिया। दरगाह के हाजिरी देने के बाद वह हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गए। पुलिस की ओर से सीओ विवेक कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। वहीं इस बात को लेकर चर्चा रही कि बाबा रामदेव पहली बार दरगाह में चादर चढ़ाने के लिए आए है। आज भी वह बेहद साधारण ढंग से आए और चादर चढ़ाने के बाद निकल गए।

    देश का भविष्य है युवा: डॉ पंड्या

    गुजरात के उच्च और तकनीकी शिक्षा, विज्ञान और संसदीय कार्य मंत्री प्रो कुबेर डिंडोर दो दिवसीय प्रवास में गायत्री तीर्थ शांतिकुंज और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचे। प्रो डिंडोर स्वजनों के साथ आए हैं। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ प्रणव पंड्या और शैलदीदी से प्रो डिंडोर ने भेंट परामर्श किया। इस दौरान डॉ प्रणव पंड्या ने गुजरात के युवाओं में रचनात्मकता लाने पर जोर दिया।

    कहा कि युवा देश का भविष्य है। इन्हें संवारने की आवश्यकता है। युवाओं को सही समय पर सही दिशा में मिल जाए तो ये युवा वायु की दिशा को भी मोड़ सकने वाली क्षमता विकसित कर सकते हैं। शैलदीदी ने कहा कि युवाओं को भटकाव से बचाना है तो उसकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना चाहिए। उच्च शिक्षा मंत्री प्रो डिंडोर ने कहा कि गायत्री तीर्थ शांतिकुंज मेरा भी गुरुद्वारा है। यहां मन को अपार शांति और नवीन कार्य करने के लिए नयी प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर प्रो डिंडोर ने आदिवासी बहुल अपने विधानसभा में आदिवासियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए गायत्री परिवार के तत्वावधान में एक विराट सम्मेलन करने की इच्छा व्यक्त की।

    प्रो डिंडोर गुजरात के आदिवासी बहुल क्षेत्र संतरामपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। प्रो डिंडोर के साथ उनकी बहिन और परिवार के अन्य सदस्य भी साथ आए हैं। उन्होंने शांतिकुंज और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय की ओर से चलाये जा रहे विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों का भी अध्ययन किया। इस अवसर पर रामजी भाई गारासिया, नाथा भाई भाभोर, राजूभाई दवे, रमेशभाई जोशी आदि उपस्थित रहे।