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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Lockdown: लॉकडाउन के दौरान राजधानी में फंसे मजदूरों को मिला काम

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Published: Wed, 29 Apr 2020 11:25 AM (IST)

लॉकडाउन में काम-धंधा बंद होने के बाद यहां विभिन्न शिविरों में रह रहे श्रमिकों को अब उनकी योग्यता के अनुसार ...और पढ़ें

Uttarakhand Lockdown: लॉकडाउन के दौरान राजधानी में फंसे मजदूरों को मिला काम
Uttarakhand Lockdown: लॉकडाउन के दौरान राजधानी में फंसे मजदूरों को मिला काम

देहरादून, जेएनएन। लॉकडाउन में दून में फंसे दूसरे राज्यों के श्रमिकों के लिए राहतभरी खबर मिलनी शुरू हो गई है। काम-धंधा बंद होने के बाद यहां विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे श्रमिकों को अब उनकी योग्यता के अनुसार काम मिलने लगा है। जिला प्रशासन ने ऐसे 85 श्रमिकों को काम पर लगा भी दिया है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि 23 अप्रैल के आदेश में दून में सशर्त निर्माण कार्य करने की अनुमति दी गई है। दून में श्रमिकों की कमी को देखते हुए यह भी निर्णय लिया गया था कि राहत शिविरों में रखे गए श्रमिको को उनकी योग्यता के अनुसार निर्माण कायरें में लगाया जाए।

योग्यता की पहचान के लिए श्रम विभाग को निर्देश दिए गए थे। चिदिृनत किए गए 85 श्रमिकों को मंगलवार से विभिन्न कायरें में लगा दिया गया है। इनके रहने-खाने की व्यवस्था व शारीरिक दूरी का पालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी व ठेकेदार की होगी। अब राहत शिविर में कुल 425 लोगों में से 400 के करीब श्रमिक शेष हैं। इन्हें भी जल्द उनकी योग्यता के मुताबिक काम दे दिया जाएगा। इससे वह लॉकडाउन में भी आमदनी प्राप्त कर सकेंगे।

मसंदावाला रोड को भी मिली अनुमति

लॉकडाउन में निर्माण करने की अनुमति के तहत लोनिवि प्रांतीय खंड को कौलागढ़-मसंदावाला रोड की मरम्मत करने की अनुमति मिल गई है। खंड के अधिशासी अभियंता जेएस चौहान के अनुसार ठेकेदार को जल्द काम शुरू करने को कहा गया है। वहीं, दून विहार को पहले ही स्वीकृति मिल गई थी। 

सड़क में हॉटमिक्सिंग का काम करने के लिए कॉलोनी में ठेकेदार ने आवश्यक मशीनें भी पहुंचा दी है। हालांकि, काम कितने दिन चल पाता है, यह निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। क्योंकि ठेकेदार को अभी पांवटा से सामग्री लाने की अनुमति पांवटा साहिब प्रशासन ने जारी नहीं की है। एक दफा ठेकेदार को पांवटा साहिब सीमा से दून जिला प्रशासन का पास होने के बाद भी लौटा दिया गया था। अब यह मामला लोनिवि मुख्यालय स्तर पर भी देखा जा रहा है।

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परेड ग्राउंड में भी काम शुरू

स्मार्ट सिटी के तहत परेड ग्राउंड के सुदृढ़ीकरण का काम भी संबंधित निर्माण कंपनी ने शुरू कर दिया है। इसमें लगे श्रमिकों के रहने-खाने की व्यवस्था परेड ग्राउंड में ही की गई है। इससे पहले स्मार्ट सिटी के तहत स्मार्ट रोड व पलटन बाजार में नाली निर्माण का काम शुरू किया जा चुका है।

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