जागरण संवाददाता, देहरादून : शहर के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एकाएक गर्जन के साथ बादल फटने से करीब एक घंटे में सौ मिलीमीटर से अधिक बारिश से भारी नुकसान हुआ। कॉलोनी के नालों में उफान आने से बारिश का पानी और मलबा लोगों के घरों में घुस गया। इस दौरान लोग अपना जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित स्थान तलाशने लगे। करीब डेढ़ घंटे की बारिश से क्लेमेनटाउन के साथ लगते क्षेत्र आइएसबीटी, बंजारावाला, कारगी चौक आदि क्षेत्रों में भी लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। यहां बादलों की तेज गर्जन से लोग सहमे रहे। मौसम विज्ञान केंद्र ने माना कि यदि एक घंटे में सौ मिलीमीटर से अधिक बारिश होती है तो उस क्षेत्र में अतिवृष्टि या बादल फटना माना जाता है।

शुक्रवार सुबह करीब पौने पांच बजे शहर के अधिकतर इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हुई। इसके 15 मिनट बाद ही मूसलाधार बारिश शुरू हो गई जो आधे घंटे बाद और तेज हो गई। साढ़े पांच बजे के आसपास क्लेमेनटाउन क्षेत्र में बिजली की तेज चमक और गर्जन के साथ बादल फटा जिसके बाद बारिश ने और जोर पकड़ लिया। करीब छह बजे के आसपास क्लेमेनटाउन के सोसायटी एरिया, गुरुद्वारा गली व कश्मीरी कॉलोनी में आसपास के नालों में पानी उफान पर आ गया और बारिश का पानी व मलबा करीब तीन दर्जन घरों में घुस गया। इस दौरान बंजारावाला क्षेत्र के विष्णुपुरम, डांडी गांव, दौड़वाला व शक्तिपुरम आदि कॉलोनी में बारिश का पानी भरा।

उधर, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत व नैनीताल में भी दिन में रुक-रुककर बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि 115 मिलीमीटर बारिश एक घंटे में होती है तो इसे बादल फटना कहा जा सकता है।

इलाके, एक घंटे में बारिश

क्लेमेनटाउन, 115.3 मिलीमीटर

बंजारावाला, 87.6 मिलीमीटर

आइएसबीटी, 78.4 मिलीमीटर

मोहकमपुर, 58.5 मिलीमीटर

एफआरआइ, 43.5 मिलीमीटर

आठ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले 24 घंटे में प्रदेश के आठ जिलों में भारी से भारी बारिश की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने संबंधित जिला प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना है उनमें देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ जिले शामिल हैं।

अक्टूबर प्रथम सप्ताह में मानसून की विदाई

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक ने बताया कि उत्तराखंड से मानसून की विदाई की अभी राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र से कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुई, लेकिन संभावना है कि राज्य से मानसून अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में विदा हो सकता है। प्रदेश में 29 सितंबर से बारिश का दौर थमने की संभावना है।

Edited By: Jagran