नेपाल सीमा से सटे उत्तराखंड के गांव भी होंगे जीवंत, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2.0 के तहत बना प्लान
Vibrant Village Program उत्तराखंड की लगभग 275 किलोमीटर सीमा पड़ोसी देश नेपाल से लगती है। अब नेपाल की सीमा से सटे उत्तराखंड के गांव भी जीवंत होंगे। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों को प्रथम गांव मानते हुए केंद्र सरकार ने इन्हें सरसब्ज बनाने के लिए वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम प्रारंभ किया है। पढ़ें नीचे पूरी खबर विस्तार से।
राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। Vibrant Village Program : नेपाल की सीमा से सटे उत्तराखंड के गांव भी जीवंत होंगे। केंद्र सरकार की ओर से वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2.0 शुरू किए जाने से यह उम्मीद बंधी है। इसके लिए शासन स्तर पर केंद्र की गाइडलाइन की प्रतीक्षा हो रही है। इसके बाद इस दिशा में आगे कदम बढ़ाए जाएंगे। उत्तराखंड की लगभग 275 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगती है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों को प्रथम गांव मानते हुए केंद्र सरकार ने इन्हें सरसब्ज बनाने के लिए वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम प्रारंभ किया है। इसके तहत चीन सीमा से सटे उत्तराखंड के पांच विकासखंडों के 51 गांव भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित किए गए।
इन गांवों को हर दृष्टि से विकसित करने के लिए वहां पांच सौ से ज्यादा योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से वर्तमान में 212 करोड़ रुपये की लागत की 243 योजनाओं पर कार्य चल रहा है।
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2.0 की शुरुआत
असल में राज्य की सीमा नेपाल से भी लगती है, लेकिन इससे सटे गांव वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में चयनित नहीं हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2.0 की शुरुआत की। इसमें न केवल चीन बल्कि अन्य देशों की सीमा से सटे गांवों को शामिल करने की बात कही गई है।
इससे उत्तराखंड की उम्मीदों को भी पंख लगे हैं। माना जा रहा है कि अब इस कार्यक्रम में नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधम सिंह नगर जिलों के गांव भी चयनित होंगे। इसके अलावा चीन सीमा से सटे कुछ अन्य गांव भी चयनित किए जा सकते हैं।
अपर सचिव ग्राम्य विकास अनुराधा पाल के अनुसार वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2.0 की गाइडलाइन की प्रतीक्षा की जा रही है। यह प्राप्त होने के बाद इसके आधार पर कदम उठाए जाएंगे।
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