यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
VIDEO: देहरादून के संतला देवी क्षेत्र में बादल फटा, कई इलाकों में अतिवृष्टि से आफत
Uttarakhand Weather Update देहरादून में मंगलवार की रात संतला देवी मंदिर के पास खबड़ावाला में बदल फट गया। वहीं लगातार ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Weather Update देहरादून में मंगलवार की रात आसमान से आफत बरसी। संतला देवी मंदिर के पास खबड़ावाला में बदल फट गया। इसके अलावा आसपास के इलाकों में भी अतिवृष्टि हुई। करीब तीन घंटे हुई भारी बारिश के कारण नदी, नाले उफना गए और कई पुस्ते बह गए। घरों में पानी घुसने के साथ ही कई जगह पेड़ और विद्युत पोल गिरने की भी सूचना है।
देहरादून में मंगलवार रात संतला देवी मंदिर के पास खबड़ावाला में बदल फट गया। आसपास के इलाकों में भी अतिवृष्टि हुई। 3 घंटे हुई भारी बारिश के कारण नदी, नाले उफन गए और कई पुस्ते बह गए। देहरादून के आइटी पार्क के पास सड़क पर बहता बारिश का पानी।@JagranNews @MygovU #UttarakhandCloudBurst pic.twitter.com/v5IuUV3il8
— amit singh (@Join_AmitSingh) August 25, 2021
देर रात बादल फटने और अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान का अंदाजा नहीं लगाया जा सका। हालांकि, काबीना मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों संग प्रभावित क्षेत्र का जायजा भी लिया। इस दौरान चौराहे और सड़कें भी जलमग्न हो गए। ब्रह्मवाला खाले में उफान के कारण कुछ दुपहिया वाहन बहने की सूचना है। गढ़ी कैंट और इससे लगे क्षेत्रों में भी बारिश के कारण लोग परेशान रहे। संतला देवी क्षेत्र के आसपास के गांव में लोग रातभर सो नहीं पाए और सामान समेत खुद सुरक्षित स्थान पर चले गए।

मूसलधार बारिश से सहस्रधारा रोड बनी नदी
सहस्रधारा रोड आइटी पार्क के पास नदी में तब्दील हो गई। यहां दुपहिया वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी। इसके अलावा करनपुर, रायपुर, सर्वे चौक, डालनवाला समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। देर रात कई घरों व दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। कुछ इलाकों में विद्युत पोल और पेड़ क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है।
मंगलवार को दिन में दो दौर की बारिश के बाद देर शाम गरज के साथ तेज बौछारें पड़ी।

शहर में देर रात तक हल्की बारिश का सिलसिला जारी था। लेकिन, कुछ इलाकों में अतिवृष्टि के कारण बाढ़ जैसे हालात हो गए। रिस्पना और बिंदाल नदियां उफान पर आ गईं। मसूरी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के कारण दून में नदी-नाले उफान पर आने के साथ राजपुर, हाथीबड़कला, साला वाला, विजय कालोनी, चावला चौक, सीमेंट रोड, सिद्धार्थ एन्क्लेव कंडोली, डांडा खुदानेवाला, ओल्ड डालनवाला आदि क्षेत्रों में बारिश का पानी और मलबा घरों में घुस गया। लोग रातभर घर से पानी बाहर निकालते रहे और अपना सामान बचाने में लगे रहे। इस दौरान कई घरों में समान खराब हो गया।

उत्तराखंड में बारिश के कारण दुश्वारियों का दौर जारी है। खासकर पहाड़ों में भूस्खलन के कारण दिक्कतें बढ़ गई हैं। आज मंगलवार को देहरादून के संतला देवी मंदिर के पास बादल फटने की सूचना है। कुमाऊं में बारिश के कारण दो घर क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि, पहाड़ी दरकने से टनकपुर-चंपावत हाईवे बंद हो गया। इसके अलावा भी प्रदेशभर में करीब दो दर्जन मार्गों पर मलबा आने से बार-बार आवाजाही प्रभावित होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तेज बौछार पड़ने के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है।
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सोमवार को कुमाऊं में चंपावत जिले में चंपावत-टनकपुर हाईवे पर स्वाला के पास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से मार्ग बंद हो गया। सड़क पर बड़ी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण मार्ग के दो दिन तक खुलने की संभावना नहीं है। हाईवे बंद होने से दर्जनों वाहनों में सैकड़ों यात्री फंस गए हैं। बागेश्वर जिले के कौसानी में नैन राम का मकान अतिवृष्टि से आंशिक क्षतिग्रस्त हो गया था, वह धराशायी हो गया है, जिससे उनका परिवार बेघर हो गया।

पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी तहसील के जलथ गांव में भारी बारिश से विजय राम का मकान ध्वस्त हो गया। मकान में रहने वाले लोग बाल-बाल बचे। वहीं, चीन सीमा को जोड़ने वाला मार्ग भी अवरुद्ध है। नैनीताल जिले में हल्द्वानी के रानीबाग पुल से भारी वाहनों की आवाजाही बंद है। तीन दिन पूर्व हल्द्वानी-भवाली मार्ग पर मलबा आने से यहां भी आवाजाही बाधित है और भारी वाहनों को सोमवार को वाया नैनीताल भेजा गया। इससे नैनीताल शहर में जाम की स्थिति बनी रही। इधर, देहरादून-मसूरी में सुबह से चटख धूप खिली रही। हालांकि, दोपहर बाद कई इलाकों में तेज बौछार गिरीं।

