विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Weather : मौसम के फिर करवट बदलने के आसार, मानसून की विदाई से पहले भारी बारिश की चेतावनी

By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
Published: Mon, 03 Oct 2022 07:53 AM (IST)

Uttarakhand Weather 10 अक्टूबर तक उत्‍तराखंड से मानसून की विदाई होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की ...और पढ़ें

Uttarakhand Weather : पांच और छह अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। जागरण
Uttarakhand Weather : पांच और छह अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। जागरण

जागरण संवाददाता, देहरादून: Uttarakhand Weather : उत्तराखंड में मौसम के फिर करवट बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में भारी वर्षा के एक-दो दौर हो सकते हैं।

पांच और छह अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। आकाशीय बिजली चमकने के भी आसार हैं। इसके लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

वहीं कई दिनों से मौसम शुष्‍क बना हुआ है। पंजाब, चंड़ीगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों से मानसून विदा हो चुका है। मौसम विभाग ने 10 अक्टूबर तक उत्‍तराखंड से मानसून की विदाई होने की उम्मीद जताई है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के भी कई क्षेत्रों से मानसून लौट चुका है।

उत्तराखंड समेत 19 प्रदेशों में इस बार सामान्य वर्षा

इस बार मानसून काल में देश में औसत से छह प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। उत्तराखंड समेत 19 प्रदेशों में सामान्य, 10 में सामान्य से अधिक, एक में बहुत अधिक और छह राज्यों में कम वर्षा हुई है।

भूस्खलन से 17 मोटर मार्ग बंद, सौ से अधिक गांव के लोग परेशान

देहरादून जिले के जौनसार-बावर में चटख धूप में भी भूस्खलन हो रहा है। जिसके चलते क्षेत्र के 17 मोटर मार्ग बंद रहने से ग्रामीण व वाहन चालक बेहाल रहे। लोनिवि साहिया के 4, पीएमजीएसवाई कालसी के 3, लोनिवि चकराता के 10 मोटर मार्ग बंद रहने से करीब सौ से अधिक गांवों के लोग परेशान रहे।

राज्य मार्ग मीनस अटाल मोटर मार्ग चौथे दिन भी न खुलने से ग्रामीणों के सामने कृषि उपज मंडियों में पहुंचाने की समस्या गहराई। जौनसार-बावर में आजकल नकदी फसलें अदरक, टमाटर, गागली, बींस, हरा धनिया, हरी मिर्च का सीजन है। वैसे तो 25 सितंबर की आपदा ने किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा।

यह भी पढ़ें : Uttarakhand Weather Update : कुमाऊं में खिली धूप, छह अक्टूबर से फिर बारिश के आसार

फसल समेत खेत, संपर्क मार्ग, छानियां, कई मकान व पेड़ आदि बह गए, लेकिन जिन किसानों की फसलें सही हैं उनके सामने बंद मार्ग परेशानियां बढ़ाने का काम कर रहे हैं। रविवार को भूस्खलन की वजह से लोनिवि चकराता के तहत सुजोऊ, बागिया डाडू, बगूर, बहमू, खारसी, रोटा खड्ड अटाल, जाडी सजीला, रावना संपर्क मार्ग, मिंडाल, मुख्य जिला मार्ग पुरोड़ी रावना डामटा मार्गों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा।

किसानों के कृषि उपज से भरे वाहन फंसे रहे

लोनिवि साहिया के तहत राज्य मार्ग मीनस अटाल मोटर मार्ग पर अनारखेड़ा, तिलूर, मझोत, बंडियारा में मलबा आने के कारण चौथे दिन भी नहीं खुल पाया। बानसू जखनोग बिस्तऊ, कोरुवा क्वारना, लोरली मोटर मार्गों पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा। पीएमजीएसवाई कालसी पटयूड़, डिरनाड़, डिमीच मोटर मार्गों पर मलबा आने की वजह से ग्रामीण परेशान रहे। बंद मार्गों पर किसानों के कृषि उपज से भरे वाहन फंसे रहे।

उधर, लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता प्रत्युष कुमार, पीएमजीएसवाई कालसी के अधिशासी अभियंता आरएस टम्टा व लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता एमएस बेडवाल के अनुसार बंद मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।