विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड के मैदान में झमाझम बारिश, पहाड़ में सीजन का पहला हिमपात; जानें- आगे कैसा रहेगा मौसम

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Sat, 21 Aug 2021 07:43 AM (IST)

Uttarakhand Weather Update उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। वहीं मैदानी इलाकों में दिनभर झमाझम ...और पढ़ें

उत्तराखंड के मैदान में झमाझम बारिश, पहाड़ में सीजन का पहला हिमपात।
उत्तराखंड के मैदान में झमाझम बारिश, पहाड़ में सीजन का पहला हिमपात।

जागरण टीम, देहरादून। Uttarakhand Weather Update उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता फिर बढ़ गई है। मैदान में मूसलधार बारिश का सिलसिला जारी है। वहीं, पहाड़ में हल्की बारिश के बीच चोटियों पर सीजन का पहला हिमपात हो गया है। हालांकि, इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में दुश्वारियां बनी हुई हैं। प्रदेशभर में तीन दर्जन से अधिक यातायात मार्ग अवरुद्ध हैं। मलारी-गोपेश्वर हाईवे पर 400 नागरिक सात दिन से फंसे हुए हैं। उनके रेस्क्यू के तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। मौसम विभाग ने आज और कल प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

उत्तराखंड में गुरुवार देर रात से शुक्रवार को दोपहर तक लगातार 12 घंटे बारिश हुई। वहीं पिथौरागढ़ जिले में राजरंभा, पंचाचूली सहित अन्य ऊंची चोटियों पर मौसम का पहला हिमपात दर्ज हुआ है। इससे मुनस्यारी सहित आसपास के क्षेत्रों में ठंड महसूस की जा रही है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून सीजन में जून से मध्य अगस्त तक हिमपात नहीं होता है। लेकिन, इस बार कुमाऊं परिक्षेत्र में हो रही अच्छी बारिश के कारण तापमान सामान्य से कुछ नीचे बना हुआ है, जिससे हिमपात के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं।

इधर, देहरादून समेत आसपास के इलाकों में भी बीती रात से रुक-रुककर मूसलधार बारिश हो रही है। जोशीमठ-मलारी हाईवे पर तमक के पास पहाड़ी दरकने के सात दिन बाद भी सीमा सड़क संगठन हाईवे नहीं खोल पाया है। पहाड़ी से पत्थर गिरने से यहां पैदल आवाजाही भी संभव नहीं हो पा रही है। रास्ते में फंसे यात्रियों को आसपास के गांवों में ठहराया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक शनिवार और रविवार को नैनीताल, देहरादून, पौड़ी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ समेत ज्यातर इलाकों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश की संभावना है। मौसम के तेवर देखते हुए विभाग ने आरेंज अलर्ट जारी किया है।

सात घंटे बंद रहा ऋषिकेश-बदरीनाथ और ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी में भारी मलबा आने से सात घंटे तक हाईवे बंद रहा। इस कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई है, लेकिन बारिश के कारण लगातार मलबा गिर रहा है। इससे मलबा हटाने में परेशानी हो रही है। वहीं यातायात को ऋषिकेश-खाड़ी से देवप्रयाग के लिए डायवर्ट किया गया था। वहीं ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नगुण के पास सुबह मलबा आने से करीब सात घंटे तक बाधित रहा।

पहाड़ में जमकर बारिश, मुनस्यारी पड़ा अलग-थलग

कुमाऊं के पर्वतीय जिलों पिथौरागढ़, चंपावत व बागेश्वर में गुरुवार रात से जोरदार बारिश हो रही है। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, धारचूला और बेरीनाग में बादल खूब बरसे। भारी बारिश से मुनस्यारी तहसील को जोड़ने वाले दोनों मार्ग बंद हो गए हैं। मुनस्यारी तहसील अलग-थलग पड़ी है।

पांच घंटे बंद रहा राष्ट्रीय राजमार्ग

श्रीनगर से लगभग दस किमी दूर फरासू और चमधार के मध्य भूस्खलन जोन पर फिर भारी मात्रा में मलबा बोल्डर आ जाने से राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग पांच घंटे बंद रहा। पोकलैंड और जेसीबी से मलबा हटाने के बाद दोपहर लगभग एक बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात शुरू हुआ।

सात घंटे बंद रहा गौरीकुंड व बदरीनाथ हाईवे

गुरुवार रात्रि से शुरू हुई बारिश के चलते बदरीनाथ हाईवे सिरोबगड़ में और गौरीकुंड हाईवे शेरसी में पांच घंटे अवरुद्ध रहने के बाद यातायात के लिए खोल दिया गया है। जनपद में लंबे समय बाद हुई बारिश से मौसम ठंडा हो गया।

यह भी पढें- उत्तराखंड में आफत की बारिश, गंगोत्री-बदरीनाथ हाईवे बंद; 400 यात्रियों का रेस्क्यू ठप