मसूरी, सूरत सिंह रावत। Uttarakhand Tourism उत्तराखंड में अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए कोविड टेस्ट अनिवार्य करने से नैनीताल और मसूरी के होटल संचालक परेशान हैं। हालांकि वह इसका विरोध तो नहीं कर रहे हैं, लेकिन होटल संचालकों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर समेत देश में कोरोना के मामले बढ़ने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। पिछले कुछ दिनों से पर्यटक बुकिंग भी रद करा रहे हैं। इसके अलावा एडवांस बुकिंग के लिए पूछताछ भी कम हो गई है। 

प्रदेश में मसूरी और नैनीताल पर्यटकों के पसंदीदा स्थल हैं। मसूरी में करीब 350 और नैनीताल में सवा दो सौ होटल, लॉज और गेस्ट हाउस हैं। मसूरी में जेपी रेजीडेंसी होटल के वाइस प्रेसीडेंट अनिल शर्मा ने बताया कि अक्टूबर से कारोबार बेहतर होना शुरू हो गया था। वीकेंड पर पर्यटकों की आवाजाही से मसूरी के कारोबारी भी उत्साहित थे, लेकिन अब कोरोना के मामले बढऩे से पर्यटकों का रुझान भी कम हुआ है। दिसंबर व नववर्ष की बुकिंग के लिए अभी तक कोई इनक्वायरी नहीं की गई है।

उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी के अनुसार प्रदेश में नई गाइडलाइन जारी होने के बाद 15 फीसद बुकिंग रद हो चुकी है। एडवांस बुकिंग को लेकर होने वाली इनक्वायरी भी कम हुई है। इस बीच हरियाणा, पंजाब व दिल्ली से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी घटी है। एसोसिएशन के महामंत्री संजय अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों का राज्य की सीमा पर टेस्ट करना सही कदम है। पर्यटकों को गाइडलाइन का पालन करना चाहिए।

मसूरी ट्रेडर्स एंड वैलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष रजत अग्रवाल बताते हैं कि इन हालात का असर व्यापार पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मसूरी पर्यटन नगरी है और यहां पर साप्ताहिक बंदी लागू करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में व्यवसाय पटरी पर आने लगा था, लेकिन नई गाइडलाइन के बाद इसमें कमी आने लगी है।

नैनीताल में भी मसूरी जैसे हालात 

नैनीताल में भी हालात मसूरी जैसे ही हैं। नववर्ष की तैयारियों में जुटे पर्यटन कारोबारियों की हसरत को कोरोना के बढ़ते मामलों से झटका लगा है। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश शाह के अनुसार दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद नैनीताल में पर्यटकों की आमद कम हो गई है। बड़े पैमाने पर बुकिंग कैंसिल हुई हैं। शहर के होटल व्यवसायी प्रवीण शर्मा के अनुसार दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों तथा इस बहाने सीमा पर चेकिंग की वजह से पर्यटक बेहद कम आ रहे हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पर्यटन को लेकर खराब संदेश ना जाए। 

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि मेरे संज्ञान में भी यह मामला आया है। मैंने स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि व्यावहारिकता को ध्यान में रख नियमों को लागू किया जाए। किसी को बेहजह परेशान न किया जाए। 

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