विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Police: क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग में उत्तराखंड देश में तीसरे स्थान पर, DGP ने दी बधाई

By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
Published: Thu, 29 Jun 2023 10:43 AM (IST)

Uttarakhand Police राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से विभिन्न मापदंडों के आधार पर यह रैंकिंग जारी की जाती है। ...और पढ़ें

क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग में उत्तराखंड देश में तीसरे स्थान पर, DGP ने दी बधाई
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग में उत्तराखंड देश में तीसरे स्थान पर, DGP ने दी बधाई

देहरादून, जागरण संवाददाता। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) में उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की मई-2023 की पर्वतीय राज्यों की मासिक रैंकिंग में प्रथम स्थान और पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने भी टीम को बधाई दी है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से विभिन्न मापदंडों के आधार पर यह रैंकिंग जारी की जाती है। जिसमें उत्कृष्ट अंक प्राप्त करते हुए पर्वतीय राज्यों में उत्तराखंड पुलिस ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वर्तमान में जारी की गई रैंकिंग में उत्तराखंड 97.44 अंक प्राप्त कर प्रथम, हिमाचल प्रदेश 96.15 प्रतिशत के साथ दूसरे, अरुणाचल प्रदेश 90.67, मिजोरम 88.06 और त्रिपुरा 76.77 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर रहे हैं।

उत्तराखंड को मिला तीसरा स्थान

वहीं, देशभर में उत्तराखंड को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने पुलिस सीसीटीएनएस टीम को बधाई देते हुए रिकॉर्ड मेंटेन रखने और देश में शीर्ष स्थान के लिए प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

सीसीटीएनएस के माध्यम से किए जा रहे कार्य

पुलिस की कार्यप्रणाली को आम नागरिक के लिए सुलभ बनाने व थानों की कार्यप्रणाली को स्वचालित कर उसे पारदर्शी बनाना। नागरिक-केंद्रित सेवाओं के वितरण को बेहतर बनाना। पुलिस के जांच अधिकारियों, अपराध की जांच और अपराधियों की खोजबीन सुगम बनाने के लिए उपकरण, प्रौद्योगिकी व सूचना मुहैया कराना।

नियम-कानून, यातायात प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में पुलिस की कार्यप्रणाली को सुधारने में मदद। पुलिस थानों, जिलों, मुख्यालय व अन्य पुलिस अभिकरणों के मध्य पारस्परिक व्यवहार व सूचना के आदान-प्रदान को सुगम बनाना। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पुलिस बल के उत्कृष्ट प्रबंधन में सहयोग करना। मुकदमों की प्रगति, विचाराधीन मुकदमों पर नजर बनाया रखना।