यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड स्टार्टअप के मामले में देश में नौवें स्थान पर, आने वाले समय में और होगा सुधार
स्टार्टअप के मामले में उत्तराखंड देश में नौवें पायदान पर है। इस रैंकिंग में उद्योग निदेशालय आने वाले समय में ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। स्टार्टअप के मामले में उत्तराखंड देश में नौवें पायदान पर है। इस रैंकिंग में उद्योग निदेशालय आने वाले समय में और सुधार करेगा। इसके लिए युवाओं को उद्यमिता की ओर आकर्षित किया जाएगा। यह बातें शुक्रवार को उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल ने कहीं। वह भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) की उत्तराखंड राज्य परिषद के वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
वेबिनार का विषय 'उत्तराखंड बिजनेस समिट' रखा गया था। इसमें उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने स्टार्टअप में राज्य की प्रगति से अवगत कराते हुए कहा कि अभी तक 100 स्टार्टअप राज्य में पंजीकृत हैं। उद्यमिता को बढ़ाना देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य का 71 फीसद क्षेत्र वन भूभाग के अंतर्गत आता है। ऐसे में रोजगार के लिए पहाड़ी जिलों से होने वाले पलायन को रोकना चुनौती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार के अलावा पूंजीपतियों और उद्योगपतियों की भी जिम्मेदारी है कि वह युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएं।
सीआइआइ उत्तराखंड राज्य परिषद के पूर्व चेयरमैन राकेश ओबराय ने कहा कि सीआइआइ स्टार्टअप प्रमोशन के लिए सरकार के साथ खड़ा है। संगठन उद्यमिता को अवसर में बदलने के लिए प्रयासरत है। उद्योगपति विनोद शर्मा ने भी स्टार्टअप को बढ़ावा देने को लेकर विचार रखे। वेबिनार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड स्माल बिजनेस डेवलपमेंट (निसबड) की निदेशक डॉ. पूनम सिन्हा ने भी उद्यमिता पर विचार रखे।
