Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    उत्‍तराखंड : रुद्रप्रयाग के झालीमठ में भारी भूस्‍खलन, गांव को खतरा, 11 परिवारों को कराया शिफ्ट

    By Nirmala BohraEdited By:
    Updated: Mon, 28 Feb 2022 04:05 PM (IST)

    रुद्रप्रयाग जिले के झालीमठ में भूस्‍खलन होने के सारी गांव को खतरा पैदा हो गया है। सोमवार को यहां से 11 परिवारों को सुरक्षित स्‍थानों पर शिफ्ट कराया गय ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    झालीमठ में भारी भूस्‍खलन के बाद 11 परिवारों को सुरक्षित स्‍थानों पर शिफ्ट करया।

    जागरण संवाददाता, रुद्रप्रयाग। उत्‍तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में झालीमठ में भारी भूस्‍खलन होने के सारी गांव को खतरा पैदा हो गया है। सोमवार को भूस्‍खलन होने से सारी गांव को खतरा पैदा हो गया। प्रशासन ने 11 परिवारों को सुरक्षित स्‍थानों पर शिफ्ट कर दिया है। मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौजूद है।

    जानकारी के मुताबिक सारी गांव की झालीमठ को सोमवार को सुबह अचानक भूस्खलन शुरू हो गया, जिससे गांव के 18 परिवारों को खतरा पैदा हो गया है। सूचना पर आपदा प्रबंधन की टीम ने मौके पर पहुंची, ग्यारह परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया गया।

    सुबह अचानक शुरू हुआ भूस्खलन

    जिले के तल्लानागपुर क्षेत्र के सारी गांव में सोमवार की सुबह अचानक भूस्खलन शुरू हो गया। इस घटना में एक गोशाला व एक शौचालय भूस्खलन की चपेट में आ गया। चमोली जिले के गौचर कस्बे के ठीक सामने अगस्त्यमुनि ब्लॉक के सारी गांव में हुई घटना से ग्रामीणो में दहशत पैदा हो गई। भूस्खलन से हरिलाल और वीरेंद्र दोनों पुत्र रजी लाल अनुसूचित वस्ती ग्राम सारी की गोशाला व शौचालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

    वहीं पास के घरों में भी दहशत फैल गई। भूस्खलन लगातार बढ़ता जा रहा है। कई घरों में दरारें पड़ गई हैं। यहां जमीन धीरे-धीरे खिसक रही है। आपदा प्रबंधन की टीम ने ग्रामीणों की मदद से 11 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। भूस्खलन की जद में आने वाले मकानों को खाली किया जा रहा है।

    सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया

    जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि खतरे की आशंका को देखते हुए सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। प्रभावित लोगों को स्कूल, पंचायत भवन और रिश्तेदारों के यहां सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।

    जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कर रही है। उन्होंने बताया कि 11 मकानों पर लगातार खतरा बना है, यहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। इस क्षेत्र में कुल 18 परिवार हैं, जिसमें 117 लोग हैं। जबकि 24 जानवर हैं। सभी को सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने का प्रयास चल रहा है। इधर, प्रभावित लोगों के सामने आशियाने का संकट पैदा हो गया है। घटना के बाद मौके पर तहसीलदार मंजू राजपूत समेत प्रशासन की टीम मौजूद है।