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देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड की हसीन वादियों ने सिल्वर स्क्रीन पर अपनी चमक बरकरार रखी है। पिछले कुछ सालों में एक के बाद एक कई बड़े बैनरों की फिल्में उत्तराखंड में शूट हो रही हैं। इसके अलावा दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी दून हॉट च्वाइस बना हुआ है। इस साल भी कई बड़े बैनरों की फिल्मों की शूटिंग उत्तराखंड में हो चुकी हैं। जबकि कई बड़ी फिल्में अभी पाइप लाइन में हैं। 

फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' ने दून के एफआरआइ को सिल्वर स्क्रीन पर ऐसी पहचान दिलाई कि उसके बाद कई बड़े बैनरों की फिल्म यहां शूट हो चुकी हैं। करण जौहर अपनी फ्रेंचाइजी 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' की शूटिंग के लिए दोबारा उत्तराखंड पहुंचे। इसके अलावा जीनियस, महर्षि, पागल समेत कई फिल्मों में एफआरआइ दिखा। दून और मसूरी की बात करें तो 'बत्ती गुल मीटर चालू', 'परमाणु', 'बाटला हाउस', 'शिवॉय', 'कबीर सिंह' समेत कई बड़े फिल्मों के डायरेक्टर की यह पसंद रही। 1978 में फिल्म 'गंगा की सौगंध' की शूटिंग के लिए अमिताभ बच्चन ऋषिकेश पहुंचे थे और उन्होंने लक्ष्मण झूले पर शूटिंग की। इसके बाद यह सिलसिला थमा नहीं और एक के बाद एक 'सोनू के टीटू की स्वीटी', 'दम लगाकर हहिसा', 'बत्ती गुल मीटर चालू', 'करीब-करीब सिंगल', आदि फिल्मों की शूटिंग भी लक्ष्मण झूले में हो चुकी है। जल्द ही यहां दबंग सलमान खान की फिल्म 'इंशाअल्लाह' की शूटिंग होनी है। 

इन लोकेशनों में भी हो चुकी हैं शूटिंग 

अभिनेत्री भूमि पाडनेकर और अभिनेता आयुष्मान खुराना की फिल्म 'शुभ मंगल सावधान' के जरिये ऋषिकेश और हरिद्वार की खूबसूरती को पूरी दुनिया ने सिल्वर स्क्रीन पर देखा। रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में फिल्म 'केदारनाथ' की शूटिंग हुई। इसके अलावा टिहरी में 'बत्ती गुल मीटर चालू' पिथौरागढ़ में 'संदीप और पिंकी फरार', नैनीताल में 'यार जिगरी', उत्तरकाशी में पीएम नरेंद्र मोदी की बायोपिक, रुड़की में रुही-अफ्जा की शूटिंग हुई। 

दक्षिण भारत के कई सुपर स्टार भी पहुंचे दून 

बॉलीवुड के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों के कई सुपरस्टारों ने भी फिल्म की शूटिंग के लिए उत्तराखंड का रुख किया। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत और महेश बाबू ने अपनी फिल्म 'महर्षि' की यहां शूटिंग की। साउथ के सुपरस्टार अभिनेता विशाल रेड्डी और अभिनेत्री एश्वर्या भी शूटिंग के लिए उत्तराखंड पहुंचे थे। 

मुंबई और हैदराबाद से बढ़ गई है कनेक्टिविटी 

शूटिंग के लिए उत्तराखंड का रुख करने का सबसे बड़ा कारण यहां मिलने वाली सुविधाएं हैं। उत्तराखंड में कई फिल्मों की शूटिंग करा चुके इम्प्रेशन ग्रुप के मयंक तिवारी का कहना है कि यहां शूटिंग के लिए सरकार की तरफ से कोई फीस नहीं ली जाती है। इसके अलावा उत्तराखंड में कई लोकेशन ऐसी हैं, जो अनछुई हैं। उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण दून की मुंबई और हैदराबाद से एयर कनेक्टिविटी बढ़ने के कारण फिल्मी कलाकारों को कोई दिक्कत नहीं होती है। अब वे आसानी से देहरादून पहुंच सकते हैं। 

फिल्म बधाई हो के लेखक अक्षत घिल्डियाल ने कहा कि आज मेरे लिए दोहरी खुशी का दिन है। एक तो मेरी फिल्म बधाई हो का नेशनल अवॉर्ड मिला और दूसरा मेरे राज्य उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली अवॉर्ड मिला है। अच्छा लगता है जब आपकी फिल्म चली हो और लोगों को पसंद आई हो। उम्मीद है कि आगे भी बेहतर काम करूंगा। 

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Posted By: Raksha Panthari

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