जागरण संवाददाता, देहरादून। कोरोना संक्रमण काल के बाद इस वर्ष प्रदेश सरकार ने फिर से स्टार्टअप को फोकस करना प्रारंभ कर दिया है। इसी माह फरवरी में प्रदेश स्टार्टअप बूट कैंप के ऑनलाइन आयोजन के बाद कई दौर की प्रतियोगिताएं हुए, जिसके बाद स्टार्टअप फिनाले आयोजित करवाया गया। आखिर में प्रदेश में 10 स्टार्टअप चुने गए, जिन्हें आगामी दिनों में मुख्यमंत्री प्रति स्टार्टअप 50 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। 

उत्तराखंड में अब 101 स्टार्टअप हो चुके हैं, जिन्हें सरकार की ओर से उद्योग स्थापित करने लिए साढ़े 12 लाख रुपये का ऋण दिया जा रहा है। उद्योग उपनिदेशक राजेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश उद्योग निदेशालय पिछले तीन सालों से स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालय, आइआइएम, आइआइटी, इंजीनियरिंग कॉलेज व विवि में स्टार्टअप बूट कैंप आयोजित करते आ रहा है। 

इसमें युवाओं के आइडिया लिए जाते हें जो विशेषज्ञों का पैनल जांचता है और फिर बेहतर आइडिया को स्टार्टअप फिनाले के लिए चयनित करता है। वर्ष 2018 व 2019 में प्रदेश के 19 संस्थानों में बूट कैंप आयोजित किए गए जबकि वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण इसे ऑनलाइन आयोजित करवाया गया। इस वर्ष एक हजार युवाओं ने बूट कैंप के लिए पंजीकरण किया था। 

अंत में 10 बेस्ट स्टार्टअप को प्रदेश का सर्वेच्च स्टार्टअप की श्रेणी दी गई। राजेंद्र कुमार ने कहा कि उद्योग निदेशालय की यह पहल स्टार्टअप को बढ़ावा देने वाली है। उत्तराखंड स्टार्टअप राष्ट्रीय रैंक में 16वें स्थान से नौवें पर पहुंच गया। आने वाले दिनों में उत्तराखंड स्टार्टअप विकास के मामले में और अधिक सफलता प्राप्त करेगा।

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