राज्‍य ब्‍यूरो, देहरादून। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी को देखते हुए सरकार ने चारधाम यात्रा के मद्देनजर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को एक जुलाई तक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने यह जानकारी दी। उन्होंने साफ किया कि बोर्ड की ओर से तैयारियां न होने और हाईकोर्ट में विचाराधीन चारधाम यात्रा से संबंधित मामले में बुधवार को होने वाली सुनवाई को देखते हुए ही तीन जिलों के निवासियों के लिए यात्रा खोलने का निर्णय टाला गया है।

सरकार के प्रवक्ता उनियाल ने बीते रोज चमोली, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी जिलों के स्थानीय निवासियों को मंगलवार से आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट के साथ अपने-अपने जिले के धामों में दर्शन की अनुमति देने की घोषणा की था। चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री इन्ही जिलों में हैं और वहां के निवासी धामों में दर्शन की छूट देने की मांग निरंतर उठा रहे हैं। बाद में देर शाम सरकार ने इन जिलों के निवासियों को धामों में दर्शन की अनुमति देने संबंधी फैसला वापस ले लिया।

मंगलवार को सरकार के प्रवक्ता उनियाल ने कहा कि जब मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी करने के मद्देनजर देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को सरकार की मंशा से अवगत कराया गया तो बात सामने आई कि बोर्ड की ओर से यात्रा के संबंध में कोई तैयारियां नहीं की गई हैं। ये भी पता चला कि चारधाम यात्रा से संबंधित एक मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस सबको देखते हुए फिलहाल तीन जिलों के लिए यात्रा खोलने का निर्णय स्थगित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि देवस्थानम बोर्ड को एक जुलाई तक सभी तैयारियां पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत से जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे, उसके अनुरूप कदम उठाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें-Covid Curfew In Uttarakhand: ज्यादा रियायत के साथ 22 जून तक बढ़ा कर्फ्यू, दैनिक रूप से खुलेंगी ये दुकानें

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

Edited By: Sunil Negi