राज्य ब्यूरो, देहरादून। Covid Curfew In Uttarakhand कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रदेश में लागू कोविड कर्फ्यू की अवधि सरकार ने कुछ और रियायत के साथ 22 जून सुबह छह बजे तक बढ़ा दी है। वर्तमान में लागू तीन दिन बाजार खोलने की व्यवस्था बरकरार रखी गई है, जबकि मिठाई, डेयरी, सब्जी व फूलों की दुकानें दैनिक रूप से सुबह आठ से पांच बजे तक खोलने की छूट दी गई है। शहरी क्षेत्रों में अब आटो व विक्रम का संचालन हो सकेगा। राजस्व न्यायालयों को खोलने का भी सरकार ने निर्णय लिया है।

विवाह समारोह और अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए व्यक्तियों की अधिकतम सीमा 50 कर दी गई है। अलबत्ता, अन्य प्रदेशों से उत्तराखंड आने वालों के लिए आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों, कर्मचारियों व स्वजन को कोविड परीक्षण प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी, मगर उन्हें स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार कोविड की परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद सरकार 22 जून से अनलाक की दिशा में कदम बढ़ाएगी। उधर, सरकार के फैसले के बाद शासन ने शाम को कोविड कर्फ्यू के लिए मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी कर दी।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेज होने के बाद सरकार ने 10 मई को दोपहर एक बजे से 18 मई की सुबह छह बजे तक प्रदेश में कोविड कर्फ्यू लागू किया। इसके बाद से इसमें लगातार एक-एक हफ्ते की अवधि बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में लागू कर्फ्यू की अवधि मंगलवार सुबह छह बजे खत्म हो रही है। हालांकि, राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है, लेकिन सरकार फिलहाल कर्फ्यू हटाने के मूड में नहीं है। इसे देखते हुए सरकार ने अब कर्फ्यू को 22 जून की सुबह छह बजे तक बढ़ा दिया है।

सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल के अनुसार कोविड कर्फ्यू में वर्तमान में लागू व्यवस्था के साथ ही इस हफ्ते कुछ और रियायत भी दी गई हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मांग को देखते हुए सरकार ने पिछले हफ्ते से तीन दिन बाजार खोलने की अनुमति दी है। इस हफ्ते 16, 18 व 21 जून को बाजार सुबह आठ से शाम पांच बजे तक खुलेंगे। कैबिनेट मंत्री उनियाल ने बताया कि विवाह समारोह व अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए पूर्व में निर्धारित अधिकतम 20 व्यक्तियों की संख्या को बढ़ाकर 50 किया गया है। अलबत्ता, विवाह समारोह में शामिल होने के लिए 72 घंटे पहले तक की आरटीपीसीआर, ट्रूनेट, सीबीनेट व रैपिड एंटीजन टेस्ट में से किसी एक की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है।

शहरी क्षेत्रों में विक्रम व आटो को पूरी क्षमता के साथ संचालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि कोविड कर्फ्यू के कारण राजस्व न्यायालयों में काफी संख्या में वाद लंबित हैं। वादकारियों की सुविधा को देखते हुए सभी राजस्व न्यायालयों को खोलने का निर्णय लिया गया है, लेकिन वहां सुरक्षित शारीरिक दूरी के मानकों का पालन करते हुए एक दिन में 20 से ज्यादा मामले नहीं सुने जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां संक्रमण के मामले नहीं हैं, वहां बाजार खोलने के संबंध में निर्णय लेने के लिए जिलाधिकारी अधिकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू के शेष प्रविधान वही रखे गए हैं, जो पिछले हफ्ते लागू थे।

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Edited By: Sunil Negi