राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने पुराने और चर्चित मुद्दों को छेड़कर भाजपा की सिरदर्दी बढ़ाने की नई कोशिश तेज कर दी है। 2017 में नमाज के लिए छुट्टी को लेकर भाजपा की ओर से किए गए प्रचार पर उन्होंने कहा कि काठ की हांडी एक बार ही चढ़ती है। भाजपा का झूठ अब असर करने वाला नहीं है। इंटरनेट मीडिया पर अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा ने जुम्मे की नमाज के लिए उनकी सरकार की ओर से छुट्टी घोषित करने का झूठा प्रचार किया था। उन्होंने सफाई दी कि उन्होंने कभी नमाज के लिए छुट्टी का एलान नहीं किया और न ही किसी ने उनसे इसके लिए छुट्टी मांगी। उन्होंने दो महापुरुषों की जयंती पर छुट्टी दी। भाजपाई झूठ न चल पड़ा होता तो वह परशुराम जयंती पर छुट्टी करने के बारे में सहयोगियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। भाजपा सीएम देने की मशीनअन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री देने की मशीन है। कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री नहीं बदलती है।

दूसरी तरफ भाजपा को देख लीजिए, राज्य बना तो मुख्यमंत्री बनाए गए नित्यानंद स्वामी को कुछ समय बाद हटाकर भगत सिंह कोश्यारी को मुख्यमंत्री बना दिया। इसके बाद 2007 में खंडूड़ी जरूरी थे, फिर उन्हें भी हटाकर रमेश पोखरियाल निशंक को मुख्यमंत्री बनाया गया। फिर वापस खंडूड़ी को मुख्यमंत्री बना दिया।

2017 में त्रिवेंद्र सिंह रावत, फिर तीरथ सिंह रावत और अब पुष्कर धाम को जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश में अस्थिरता का वातावरण कांग्रेस ने कभी नहीं बनाया। हरीश रावत ने अन्य पोस्ट में उन्होंने कुछ तस्वीरों के जरिये भाजपा पर निशाना साधा। इन तस्वीरों में राजनाथ सिंह दरगाह में टोपी पहने नजर आ रहे हैं। रावत ने उनके टोपी पहनने पर उन्हें मौलाना करार देने पर यह हमला बोला था।

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Edited By: Raksha Panthri