देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड कंसेंसस कमेटी की पहली बैठक के बाद से राज्य के चारों क्रिकेट संघ परेशान हैं। सभी संघों के नामित सदस्यों को बैठक में नई जिम्मेदारियां मिलने की उम्मीद थी, लेकिन टीम ने सभी कोच, चयनकर्ता और ट्रेनर बीसीसीआइ से लाने की बात कहकर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। 

उत्तराखंड में क्रिकेट को राष्ट्रीय फलक पर पहचान दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से चयनित प्रशासक समिति ने उत्तराखंड कंसेंसस कमेटी का गठन किया था। जिसके माध्यम से राज्य में एक साल तक बीसीसीआइ से संबद्ध क्रिकेट का संचालन किया जाएगा। 

इसके बाद ही कमेटी जारी रखने या राज्य को पूर्ण रूप से मान्यता देने पर निर्णय होगा। लेकिन, बीसीसीआइ की पहली बैठक से सभी संघों को निराशा मिली है। साथ ही राजस्थान की तरह 'गद्दी' छिनने का डर भी सताने लगा है। 

संघों को लग रहा है कि बीसीसीआइ राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड क्रिकेट पर अपना कब्जा जमा लेगी। बीसीसीआइ के टूर्नामेंट में टीम तो उत्तराखंड की होगी, लेकिन न तो किसी भी संघ के सदस्य को कोई पद मिलेगा और न ही राज्य से चयनकर्ता, कोच व अन्य ऑफिशियल को टीम में जगह मिल पाएगी। ज्ञात हो कि राज्य के तीन संघों ने एकजुट होने के लिए 18 जून को हामी भर दी थी। लेकिन, एक अन्य एसोसिएशन नहीं मानी थी।

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Posted By: Bhanu

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