विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Black Fungus Cases: उत्तराखंड में अब तक ब्लैक फंगस संक्रमित नौ की मौत, एम्स में दस नए मरीज भर्ती

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Sun, 23 May 2021 08:04 PM (IST)Updated: Sun, 23 May 2021 11:14 PM (IST)

Uttarakhand Black Fungus Cases उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के साथ ही अब ब्लैक फंगस का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता ...और पढ़ें

उत्तराखंड में अब तक ब्लैक फंगस संक्रमित नौ की मौत, एम्स में दस नए मरीज भर्ती।
उत्तराखंड में अब तक ब्लैक फंगस संक्रमित नौ की मौत, एम्स में दस नए मरीज भर्ती।

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। Uttarakhand Black Fungus Cases उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के साथ ही अब ब्लैक फंगस का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। साथ ही इससे होने वाली मौत के मामलों में भी इजाफा हो रहा है। एम्स ऋषिकेश और रुद्रपुर में ब्लैक फंगस संक्रमित एक-एक मरीज की मौत हुई है। एम्स में अब तक छह की मौत हो चुकी है, जबकि राज्य में ये आंकड़ा बढ़कर नौ हो गया है। 

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में प्रतिदिन ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। रविवार को यहां 10 नए मरीज भर्ती किए गए। एम्स ऋषिकेश में आने वाले ब्लैक फंगस संक्रमित मरीजों की संख्या 74 पहुंच गई है। ब्लैक फंगस के उपचार के लिए गठित चिकित्सक दल के मुखिया और इएनटी सर्जन डॉ. अमित त्यागी ने बताया कि रविवार को उपचार के दौरान रुड़की उत्तराखंड निवासी 54 वर्षीय एक मरीज की मौत हो गई। एम्स में इस बीमारी से अब तक छह मरीजों की मौत हो चुकी है। यहां वर्तमान में 67 मरीज भर्ती है। एक मरीज को स्वास्थ्य लाभ होने के बाद पहले ही  छुट्टी दे दी गई थी।

एम्स में प्रतिदिन ब्लैक फंगस संक्रमितों की की बढ़ती संख्या को देखते हुए वार्ड की संख्या बढ़ाई गई है। वर्तमान में यहां ऐसे मरीजों को भर्ती करने के लिए चार वार्ड बनाए गए हैं। एक वार्ड में 24 मरीज रखे जा रहे हैं। इन वार्ड में आइसीयू, वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

आपको बता दें कि राज्य में ब्लैक फंगस को सरकार ने महामारी घोषित कर दिया है, जिसके बाद इस बीमारी में प्रयुक्त होने वाले इंजेक्शन की उपलब्धता सरकारी व्यवस्था के तहत किए जाने का प्रविधान किया गया है। एम्स ऋषिकेश में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के इलाज में लगे चिकित्सकों की मानें तो एक मरीज का इस बीमारी में करीब एक सप्ताह तक इंजेक्शन से नियमित उपचार होता है। इस हिसाब से एम्स ऋषिकेश को बीमारी में प्रयुक्त होने वाले इंजेक्शन पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हो इसके लिए स्वास्थ्य सचिव को लिखा गया है। 

वहीं, डोईवाला प्रतिनिधि के मुताबिक हिमालयन हॉस्पिटल जौली ग्रांट में रविवार को ब्लैक फंगस से संक्रमित दो नए मरीज भर्ती किए गए। नोडल अधिकारी डॉ. संजोय दास ने बताया कि यहां अब तक इस तरह के 17 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। दो मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में यहां दस मरीजों को भर्ती किया गया है।

यह भी पढ़ें- केवल सरकारी अस्पतालों और कालेजों को मिलेगी ब्लैक फंगस की दवा, जानें- SOP में और है क्या

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें