राज्य ब्यूरो, देहरादून। कोरोना संकट के साये में एक मार्च से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में शुरू होने जा रहे विधानसभा के बजट सत्र के लिए सभी मंत्री, विधायकों को कोरोना की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से करानी होगी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के अनुसार सत्र से 72 घंटे पहले की कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट होने के बाद ही सदन में प्रवेश दिया जाएगा। विधानसभा के सत्र से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को भी कोरोना जांच करानी होगी। स्वास्थ्य विभाग को भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में इस संबंध में व्यवस्था करने को कहा गया है।

विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने मंगलवार को यहां विधानसभा में बजट सत्र के लिए सुरक्षा समेत अन्य आनुषांगिक व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ मंथन किया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गैरसैंण में सत्र के दौरान कोरोना से बचाव के मद्देनजर जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी मंत्री, विधायकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने जिलों, क्षेत्रों अथवा भराड़ीसैंण में सत्रसे पहले आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से करा लें।

उन्होंने बताया कि सभामंडप में दो गज की सुरक्षित दूरी के हिसाब से बैठने की व्यवस्था की जा रही है। दर्शक और अधिकारी दीर्घा में किसी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विधानसभा परिसर में विधायकों के साथ आने वाले सहवर्तियों का विधानसभा भवन में प्रवेश निषिद्ध किया गया है। पूर्व विधायकों से भी विधानसभा परिसर में आने से बचने का अनुरोध किया गया है। गैर सरकारी व्यक्तियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान प्रवेश द्वार पर सभी आगंतुकों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग एवं सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की जाएगी। मुख्य द्वार से लेकर सदन तक सभी को सैनिटाइज करवाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक चिकित्सा दल की तैनाती व दवाइयों की व्यवस्था करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कोविड को देखते हुए मीडियाकर्मियों को भी सीमित संख्या में ही सत्र के लिए पास जारी किए जाएंगे।

व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश

इससे पहले अधिकारियों के साथ बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने बजट सत्र में एक मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सत्र के दौरान जरूरी व्यवस्थाएं जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने विधानसभा परिसर के अंदर और सभामंडप में जारी प्रवेश पत्र, सुरक्षा जांच, वाहनों की पार्किंग समेत अन्य विषयों पर चर्चा की। उन्होंने चिह्नित स्थानों पर ही वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही अग्निशमन दल, चिकित्सा, एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सत्र के दौरान पानी, बिजली की आपूर्ति में कोई व्यवधान न आने पाए। उन्होंने सत्र को भलीभांति चलाने के लिए सभी अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव ओमप्रकाश समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

अब तक मिले 593 प्रश्न

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि बजट सत्र के लिए अभी तक विधायकों के 593 प्रश्न विधानसभा को मिल चुके हैं। इनकी संख्या और बढ़ सकती है।

य‍ह भी पढ़ें-राज्यसभा सदस्‍य अनिल बलूनी ने अपने घर से की मेरा बूथ सबसे मजबूत अभियान की शुरुआत

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

Edited By: Sunil Negi