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    उत्तराखंड में 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजना हुआ आसान, अब गली-मोहल्ले से भी मिलेगी जानकारी

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 09:50 AM (IST)

    उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय 2003 की मतदाता सूची में नाम ढूंढने की प्रक्रिया को सरल बना रहा है। अब मतदाता गली, मोहल्ले या क्षेत्र का नाम ...और पढ़ें

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    जल्द ही वेबसाइट में होंगे सरलीकरण को आवश्यक बदलाव। जागरण

    विकास गुसाईं, देहरादून। प्रदेश में अब वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम ढूंढना और सरल हो जाएगा। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय इसके लिए वेबसाइट में मतदाता का नाम ढूंढने की प्रक्रिया को और अधिक सरल बना रहा है। इसके तहत अब केवल मतदाता अपने गली, मोहल्ले और क्षेत्र का नाम डालकर भी अपना नाम ढूंढ सकता है।

    प्रदेश में इस समय विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले प्री-एसआइआर का कार्य चल रहा है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर वर्तमान मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान कर रहे हैं। इसके अंतर्गत अभी 38 वर्ष से अधिक आयु वाली की वोटर मैपिंग की जा रही है। इसका फायदा यह होगा कि जब प्रदेश में एसआइआर शुरू होगा तब मतदाताओं को सत्यापन में कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।

    इस समय यह देखने में आ रहा है कि कई मतदाताओं को वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम ढूंढने में काफी परेशानी आ रही है। विशेष रूप से उन मतदाताओं को जो जिला अथवा क्षेत्र बदल चुके हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या महिलाओं की है। जो शादी के बाद अन्य जिलों व विधानसभा क्षेत्रों में आकर बस गई हैं।

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    कारण यह कि वर्ष 2003 में इनका नाम अपने मायके अथवा उस स्थान पर दर्ज था, जहां ये उस समय निवास कर रही थीं। यूं तो राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सहूलियत के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची को मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड की वेबसाइट पर डाला हुआ है। कोई भी मतदाता इस साइट को खोलकर अपने विधानसभा क्षेत्र में जाकर अपने और अपने पिता के नाम से अपना मतदाता क्रमांक और बूथ संख्या आदि खोज सकता है।

    यद्यपि यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी है। इसमें पहले मतदाता का नाम व पिता का नाम डालकर विधानसभा क्षेत्र और मतदाता क्रमांक मिलता है। इसके बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्र के पन्ने पर जाकर अपना नाम खोजना होता है। अब इस प्रक्रिया को और सरल किया जा रहा है।

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    अब मतदाता इस साइट पर जाकर अपने व पिता के नाम के साथ ही यदि गली, मोहल्ले व क्षेत्र का नाम डालता है तो उसे उसका उस समय का दर्ज नाम मिल जाएगा। यह भी प्रयास किया जा रहा है कि मतदाता कोई यदि उसका नाम पुष्ट हो जाता है तो फिर उस पर क्लिक करने से ही वह उस पन्ने पर पहुंच जाएगा जहां उसका क्रमांक व बूथ दर्ज है।

    सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास ने बताया कि सरलीकरण की यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा।