देहरादून, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मंगलवार को पश्चिम बंगाल में जो भी हुआ, उसे किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। किसी भी पार्टी के मुखिया के साथ इस प्रकार का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। लगता है ममता बनर्जी को लोकतंत्र में विश्वास नहीं रह गया है। तृणमूल कांग्रेस हताश और निराश होने के कारण इस प्रकार के कृत्य पर उतर आई है। टीएमसी के इस प्रकार के व्यवहार को अलोकतांत्रिक करार देते हुए उन्होंने इसकी निंदा की है।

बुधवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो कुछ भी हो रहा है, वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं का गला घोंटने जैसा है। आए दिन तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इशारे पर हिंसा फैला रहे हैं। पहले ममता के इशारे पर प्रशासन द्वारा योगी आदित्यनाथ को प्रचार की अनुमति नहीं दी गई और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में टीएमसी के लोगों ने उपद्रव फैलाने का घृणित कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब चुनाव का आखिरी चरण है जिसमें पश्चिम बंगाल की नौ सीटों पर चुनाव होने हैं, जिसमें भाजपा को बड़ी बढ़त मिल रही है। इसी कारण ममता इतना घबराई हुई हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जाधवपुर में रैली करने की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि ममता को पता है कि रैली हुई तो भतीजा अभिषेक हार जाएगा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सत्ता के अहंकार में चूर हो गई हैं। इस लोकसभा चुनाव में उनकी सियासी जमीन खिसक रही है। बंगाल की जनता ने ठान लिया है कि ममता के कुशासन और हिटलरशाही का अंत करना है।

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Posted By: Raksha Panthari