देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में रह-रहकर कांग्रेस में क्षत्रपों के बीच खींचतान सिर उठाने लगती है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने प्रदेश संगठन का पुतला फूंकने के कार्यक्रम के दौरान ही देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मौन उपवास पर बैठने को लेकर उन पर निशाना साधा। वहीं रावत के अचानक बने इस कार्यक्रम से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी अनमने से दिखाई दिए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी राजभवन पहुंचकर अलहदा कदम बढ़ाते दिखाई दिए। 

प्रदेश में कांग्रेस के भीतर गुटबंदी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। टिहरी जिले में एक दलित युवक की हत्या के मामले में गर्माई सियासत के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी सियासत भी सतह पर आ गई। उक्त युवक के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने एक साथ जाने के बजाय अलग-अलग जाना मुनासिब समझा। इस बीच सोमवार को प्रदेश कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी के खिलाफ प्रदेशभर में पुतला फूंकने का कार्यक्रम रखा। 

वहीं प्रदेश संगठन के सोमवार को इस कार्यक्रम से ऐन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत दलित युवक की हत्या पर प्रायश्चित करते हुए गांधी पार्क में मौन उपवास पर बैठे। उनके कार्यक्रम की अचानक जानकारी मिलने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह वहां तब पहुंचे, जब कार्यक्रम खत्म होने को था। प्रीतम सिंह इस कार्यक्रम से खुद को असहज दिखाने से बच नहीं सके। वहीं नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने हल्द्वानी में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को मौन उपवास कार्यक्रम के लिए निशाने पर लेने में देर नहीं लगाई। 

यही नहीं, दलित युवक की हत्या के विरोध में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी सोमवार शाम राजभवन में राज्यपाल बेबीरानी मौर्य से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। सोमवार को दिनभर एक ही मुद्दे पर कांग्रेसी समूहों में बंटे दिखते रहे। नेता प्रतिपक्ष की टिप्पणी ने कांग्रेस की अंदरूनी सियासत को गर्मा दिया है।

यह भी पढ़ें: आइना दिखाने से बौखला गई है कांग्रेस: डॉ. देवेंद्र भसीन

यह भी पढ़ें: प्रीतम सिंह बोले, अनुसूचित जाति के लोगों की सच्ची हितैषी है कांग्रेस

यह भी पढ़ें: कमल हसन के बयान पर नरेंद्र गिरी ने दी प्रतिक्रिया, बोले सनातन धर्म कभी भी नहीं 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप