देहरादून, विकास धूलिया। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल का विस्तार तय हो गया है। मंत्रिमंडल में रिक्त तीनों पदों को भरने के लिए पार्टी आलाकमान ने सहमति दे दी है। इसी महीने मंत्रिमंडल में तीन नए चेहरे शामिल कर लिए जाएंगे। महत्वपूर्ण बात यह कि मुख्यमंत्री कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव करने जा रहे हैं। नई दिल्ली में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तृत चर्चा की।

त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार अब जल्द आकार लेने जा रहा है। मार्च 2017 में जब भाजपा ने सत्ता संभाली, उस वक्त मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के अलावा सात कैबिनेट और दो राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए। 70 सदस्यीय विधानसभा के हिसाब से उत्तराखंड में मंत्रिमंडल का आकार अधिकतम 12 सदस्यीय ही हो सकता है। यानी, शुरुआत से ही मंत्रिमंडल में दो स्थान खाली रहे। पिछले वर्ष जून में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन के कारण एक स्थान और रिक्त हो गया।

पिछले लगभग ढाई साल से कई दफा मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं चली मगर बात आगे नहीं बढ़ी। कुछ समय पहले स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंत्रिमंडल विस्तार की जरूरत व्यक्त करते हुए संकेत दिए कि जल्द ही उनकी टीम में नए सदस्य शामिल किए जाएंगे। मुख्यमंत्री इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर चुके हैं। इस बीच जनवरी में जेपी नड्डा भाजपा के नए अध्यक्ष बन गए। 

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष नड्डा से भेंट की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देर रात फोन पर 'दैनिक जागरण' से बातचीत में कहा कि पार्टी अध्यक्ष के साथ उनकी मंत्रिमंडल विस्तार समेत सरकार और संगठन से जुड़े कई विषयों पर एक घंटे से ज्यादा लंबी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में जल्द नए मंत्री शामिल किए जा रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी किया जा सकता है। इसी महीने मंत्रिमंडल विस्तार प्रस्तावित है। 

यह भी पढ़ें: अब जल्द हो सकता है उत्तराखंड में त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल का विस्तार

सूत्रों का कहना है कि हालांकि पार्टी आलाकमान ने एक सप्ताह में मंत्रिमंडल विस्तार की बात कही है लेकिन विधानसभा सत्र नजदीक होने के कारण इसे आगे भी खिसकाया जा सकता है। मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले तीन नए चेहरों में से एक को राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री के पास वित्त, स्वास्थ्य, संसदीय कार्य, पेयजल, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं, लिहाजा इनमें से कई विभाग अन्य मंत्रियों को सौंपे जा सकते हैं। कई मंत्रियों के विभागों को बदला भी जाएगा।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री के आदेशों पर मंत्री लगा रहे पलीता: सूर्यकांत धस्माना

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस