देहरादून, जेएनएन। कोरोना के चलते बीते दो माह से ठप पड़े परिवहन कारोबार को फिर से पटरी पर लाने के लिए ट्रांसपोर्टर इन दिनों राजनेताओं की शरण में पहुंच रहे। इसे लेकर बुधवार को उत्तराखंड प्रदेश परिवहन महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय के साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह से मुलाकात की। ट्रांसपोर्टरों ने दो साल की टैक्स में छूट और चालकों को दस से पंद्रह हजार रुपये मदद दिलाने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष को सौंपे ज्ञापन में महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यात्रा काल में परिवहन व्यवसाय से जुडे लोगों की समूचे साल की आर्थिक स्थिति माह अप्रैल, मई, जून की आय पर निर्भर करती है। इन्हीं तीन माह में परिवहन से जुड़े व्यापारी एक साल की आजीविका कमाता है। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण मार्च से इस व्यवसाय से जुड़े लोग बेरोजगारी की कगार पर हैं व उनके सामने परिवार के पालन का संकट खड़ा हो गया है। 

महासंघ के ज्ञापन में कहा कि जिस तरह साल 2013 में आई दैवीय आपदा में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने दो साल का टैक्स मॉफ किया था, उसी तरह इस महामारी में भी दो साल का टैक्स माफ किया जाना चाहिए। उस दौरान आई आपदा में फंसे वाहनों को सरकार ने 25 हजार रुपये व सभी चालक/परिचालकों को पांच-पांच हजार रुपये दिए थे। मौजूदा वक्त को देखते हुए वाहनों के बीमे की सीमा भी बढ़ाई जाए। महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा कहा कि वाहनों का संचालन न होने से इस समय चालक बेरोजगार हो चुके हैं, तो उन्हें सरकार की ओर से कम से कम दस से 15 हजार रुपये तक आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। 

यात्री वाहनों के लिए जारी की गई गाइडलाइन (एसओपी) के नियमों में ढील देते हुए वाहनों में यात्रियों की क्षमता बढ़ाने या किराया बढ़ाने की मांग की गई। ऐसा न करने पर सरकार से सब्सिडी दिलाने की भी मांग की गई। विक्रम टैम्पों में चार सवारी व ऑटो में दो सवारी की मंजूरी देने की मांग की गई। प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष ने भरोसा दिया कि इस मामले में सरकार से बात की जाएगी। 

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रेलवे स्टेशन से टैक्सी सेवा शुरू

दून टैक्सी ऑनर्स एसोसिएशन की ओर से रेलवे स्टेशन से टैक्सी का संचालन बुधवार से शुरू कर दिया गया। एसोसिएशन की रेलवे स्टेशन शाखा के अध्यक्ष रविंद्र आनंद ने बताया कि मौजूदा समय में प्रवासियों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें संचालित हो रही हैं और एक जून से कुछ नियमित ट्रेनों का संचालन भी होना है। ऐसे में भारत के सभी शहरों के लिए टैक्सी संचालन शारीरिक दूरी के मानक के साथ शुरू कर दिया गया है। वाहनों में सेनिटाइजर की भी व्यवस्था कराई गई है। एसो. ने टैक्सी में तीन यात्री जबकि मैक्सी-कैब में पांच यात्री बैठाने की मंजूरी देने की मांग की है।

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Posted By: Sunil Negi

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